
ratlam railway station sting operation video
2011 में मेलूर के पास चुनाव अभियान के दौरान कथित रूप से तहसीलदार पर हमला करने के मामले में मदुरै न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएम) प्रथम अदालत ने शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एमके अलगिरी और 16 अन्य को बरी कर दिया।मामले के अनुसार 2011 के विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान, अझगिरी, पार्टी काडर के साथ मेलूर के पास एक मंदिर में लोगों से कर चुनाव प्रचार कर रहे थे। तत्कालीन तहसीलदार एम कालीमुथु, जो मेलूर विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारी थे, को वहां आचार संहिता उल्लंघन की सूचना मिली तो वे वीडियोग्राफर के साथ घटनास्थल पर गए। कथित रूप से उन दोनों पर डीएमके काडर ने हमला किया।
इस घटना के सिलसिले में कीलावलावु पुलिस ने अलगिरी और 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया थे। ट्रायल कोर्ट में चालान दायर हुआ और मुकदमा चला। मुकदमे की सुनवाई के दौरान चार लोगों की मौत हो गई। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम, बी. मुथुलक्ष्मी ने साक्ष्यों के अभाव में अझगिरी और 16 अन्य को बरी कर दिया।पलट गए थे गवाह
उल्लेखनीय है कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान तत्कालीन तहसीलदार कालीमुथु ही पलट गए थे कि उन पर हमला नहीं हुआ था। वे मतदाताओं को रिश्वत दिए जाने की सूचना पर वहां गए थे। वहां मंदिर में चप्पल पहनकर चले जाने की वजह से झगड़ा हो गया था, उन पर अलगिरी और उनके समर्थकों ने हमला नहीं किया। कालीमुथु के बाद कुछ अन्य गवाह भी पलट गए थे।
Updated on:
16 Feb 2024 06:25 pm
Published on:
16 Feb 2024 06:22 pm
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