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विधायक ने जिला कलक्टर पर लगाए गंभीर आरोप

जिले के सर्वपल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधायक के. गोवर्धन रेड्डी ने जिला कलक्टर पर सरकारी योजनाओं में घोटाला होने की जानकारी होने के...

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MLA charged on District Collector

MLA charged on District Collector

नेल्लोर।जिले के सर्वपल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधायक के. गोवर्धन रेड्डी ने जिला कलक्टर पर सरकारी योजनाओं में घोटाला होने की जानकारी होने के बाद भी सत्ताधारी पार्टी का साथ देने का आरोप लगाया। सर्वपल्ली क्षेत्र के विधायक और विपक्ष के नेता के गोवर्धन रेड्डी कई महीनों से आंध्र प्रदेश के कृषि मंत्री एस चंद्रमोहन रेड्डी पर कई योजनाओं में घोटाला करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला कलक्टर मुत्यालराजु सत्ताधारी पार्टी के अनुकूल काम कर रहे हैं। वह मंत्री एस सोमिरेड्डी के इशारों पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा जिले में चल रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है। अधिकारी सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं जिसके उनके पास कई सबूत भी हैं। उन्होंने जिले के कई विभागों के अधिकारियों पर भी आरोप लगाए। विधायक के गोवर्धन रेड्डी ने सोमवार को जिला कलक्टर कार्यालय के अतरिक्त जिला कलक्टर कमलकुमारी से मिलकर आरोपों से जुड़े सभी सबूत उन्हें सौंपे। विधायक ने कहा जिला कलेक्टर पर लगाए गए आरोप शत प्रतिशत सही हैं और मैं इन आरोपों पर कायम हूं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिला कलक्टर एक अधिकारी के तौर पर नहीं बल्कि तेदेपा के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, उनके क्षेत्र में होने वाले कार्यों में एक मंत्री के बेटे को क्यों उपस्थित किया जा रहा है जबकि अन्य क्षेत्र के विधायक को न्यौता भी नहीं दिया जा रहा। आखिर यह क्या राजनीति है? मंत्री अपने गेस्ट हाउस में अधिकारियों को बुला कर लाभार्थी को चेक प्रदान कैसे कर सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया स्वच्छ भारत कार्यक्रम में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हुआ। जिले को स्वच्छ भारत में प्रथम पुरस्कार मिला पर निर्मल ग्रामीण पुरस्कार क्यों नहीं दिया गया?

उपकारी का कभी तिरस्कार नहीं करें

उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने मंगलवार को चूलै में कहा कि किसी चीज का मिलना महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि उसे प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। शिक्षा सभी को मिलती है लेकिन ग्रहण करने वाला ही उसका सदुपयोग करता है। भोग और उपभोग में धर्म नहीं है। उपयोग आत्मा का स्वभाव है, जीव का लक्षण है। उपयोग धर्म, अनुपयोग पाप और दुरुपयोग महापाप है।

मां-बाप की कभी भी अवहेलना, अवमानना और उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। कभी-कभी उनके शब्द या व्यवहार आपको गलत लग सकते हैं लेकिन मां-बाप दिल अपनी संतान के प्रति कभी गलत नहीं हो सकता। वे अपने दिल से तो आपको आशीर्वाद ही देते हैं। जो अपने उपकारी का तिरस्कार करता है उसे अपनी जिंदगी में तिरस्कार ही मिलते हैं। धर्म तो दुश्मन का भी तिरस्कार करने के लिए मना करता है जबकि उपकारी का तिरस्कार करना महापाप होता है।

मां-बाप का आशीर्वाद नहीं लिया, उनका उपयोग नहीं किया तो यह पाप है। अत: माता-पिता की आज्ञा का उल्लंघन कभी न करें और उनका अधिकाधिक आशीर्वाद प्राप्त करें।
जो स्वयं की जिंदगी को बर्बाद करे वह पापी है और जो दूसरों की जिंदगी बर्बाद करे वह महापापी होता है। जो दूसरों को भयमुक्त करे वह सुदर्शनमाली है।
जो परमात्मा से बिछुड़े हुए को मिलाता वह सुदर्शन है। उन्होंने कहा जो व्यक्ति अपने कदमों से रास्ता नापता है, उसे मंजिल मिलती है।
इसलिए हमेशा उपयोग करो, सभी के लिए उपयोगी बनो, दुरुपयोग मत करो।

उपाध्याय प्रवर ने बताया कि १३ से१५ जुलाई तक जिनशासन की आगम साधना का अर्हम गर्भ संस्कार साधना का शिविर, २२ जुलाई को सुबह ७ बजे गुरु शांति विजय स्कूल के प्रांगण में भक्तामर का १००८ जोड़ों के साथ पाठ, २७ जुलाई को गुरू पूर्णिमा पर सपरिवारों के लिए भक्ति और साधना का कार्यक्रम और ५ अगस्त से १२ अगस्त तक आचार्य आनन्दऋषि का ११९वां जन्मोत्सव १००८ अ_ाई के साथ मनाया जाएगा।