
MRTS railway station security guards
चेन्नई।चेन्नई बीच से वेलाचेरी के बीच स्थित एमआरटीएस रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा चाक चौबंद है। सुरक्षा कार्य में रेलवे सुरक्षा बल के 105 कर्मियों को लगाया गया है। इसके एक आरपीएफ पोस्ट तिरुमलै तथा एक आउट पोस्ट वेलाचेरी में स्थित है। रेलवे सूत्रों के अनुसार इसमें पहले 88 आरपीएफ पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसकी संख्या बढ़ा दी गई है। इस मार्ग पर 18 रेलवे स्टेशन हैं। इस मार्ग पर 12 नाइट इएमयू ट्रेन का संचालन किया जाता है।
इसका समय 21.00 बजे से सुबह 6.00 बजे तक है। इसकी सुरक्षा के लिए प्रत्येक ट्रेन में दो स्टाफ को तैनात किया जाता है। महिलाओं की सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए 2 लेडीज स्पेशल ट्रेनों का परिचालन पीक आवर्स (सुबह तथा शाम में) में किया जाता है।
इसकी सुरक्षा में आरपीएफ शक्ति पदै को लगाया गया है। सभी तीन शिफ्टों में इस खंड के सभी स्टेशनों पर कम से कम एक या दो आरपीएफ स्टाफ तैनात किया जाता है। तिरुवान्मीयूर रेलवे स्टेशन पर एक जीआरपी आउटपोस्ट है जिसमें 28 प्लस 2 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। प्रतिदिन शाम 5.00 बजे के बाद एक विशेष टीम इस खंड की इएमयू ट्रेनों में घूमती है। इस टीम की कमान सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के हाथों में होती है। यह टीम प्रत्येक स्टेशन पर उतरती है। सभी तलों पर घूमती है। स्टेशनों पर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध जांच करती है। जांच कार्य इस खंड में 22.40 बजे तक चलता है। इस खंड में यह समय अंतिम ट्रेन परिचालन का होता है। इसके बाद यह टीम अगले दिन सुबह 5.00 बजे तक वैन में सडक़ मार्ग से घूमती है तथा सभी स्टेशनों को कवर करती है।
आरपीएफ के साथ जीआरपी व स्थानीय पुलिस भी
इसके अलावा आरपीएफ, जीआरपी तथा स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम इस खंड में नियमित अंतराल खासकर रात में गश्त लगाती है। स्थानीय पुलिस की मोबाइल टीम की सेवाओं का भी यात्रियों की सुरक्षा के उद्देश्य से उपयोग किया जाता है। यात्रियों के हित में ईएमयू ट्रेनों की कोचों में प्रिंटेड स्टीकर लगाए गए हैं।
इन स्टीकर पर आरपीएफ व जीआरपी का हेल्पलाइन नम्बर लिखा गया है। इस नम्बर पर सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर आरपीएफ और जीआरपी से संपर्क किया जा सकता है। डिविजनल आरपीएफ सिक्योरिटी कंट्रोल रूम तथा आरपीएफ ऑफिसर्स के टेलीफोन नम्बर की सूची एमआरटीएस खंड के सभी बुकिंग स्टेशनों पर लगाई गई है। इसके जरिए सुरक्षा से जुड़े मामलों में आरपीएफ से एसएमएस या बुकिंग क्लर्क द्वारा संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इस खंड में यात्रियों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए अक्सर खोजी कुत्तों से गश्त की मदद भी ली जाती है। इसके साथ अपराधियों में डर पैदा होता है।
केवल चिंताद्रिपेट स्टेशन पर ही 120 आरपीएसएफ की एक कंपनी रहती है। लोकल पुलिस इन स्टेशनों के एप्रोच रोड पर पेट्रोलिंग करती है। स्टेट पुलिस, जिप्सी जीप तथा मोटर साइकिल पेट्रोल की मदद से यात्रियों की सुरक्षा को चाक चौबंद किया जाता है।
Published on:
19 Oct 2018 09:11 pm
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