
New courses will help students to get competitive exams
चेन्नई।तमिलनाडु स्कूल शिक्षा मंत्री के. ए. सेंगोट्टेयन ने सोमवार को राज्य सचिवालय में कक्षा २ से १२ तक के विद्यार्थियों के लिए नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की। विद्यार्थियों में नई किताबों का वितरण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नए पाठ्यक्रमों की मदद से विद्यार्थी नीट समेत केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को पास करने में सक्षम हो जाएंगे।
विद्यार्थियों के हित को देखते हुए पाठ्यक्रमों को संशोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के ७७ लाख ४८ हजार विद्यार्थियों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को राज्य भर की स्कूलें खुल गई हैं। प्रचंड गर्मी को देखते हुए तमिलनाडु शिक्षक संघ ने राज्य के मुख्यमंत्री एडपाड़ी के. पलनीस्वामी से गर्मी की छुट्टी को जून के दूसरे सप्ताह तक बढ़ाने का आग्रह किया था लेकिन शिक्षा मंत्री ने कहा था कि निर्धारित समय पर ही स्कूल खुलेंगे। लोकसभा चुनाव के कारण बच्चों को अतिरिक्त छुट्टी मिलने की वजह से राज्य सरकार ने ३ जून से ही स्कूलों को खोलने का आदेश दिया था।
स्टालिन ने प्रावधान को हटाने का किया स्वागत
देश की नई शिक्षा नीति के मसौदे से अनिवार्य हिंदी शिक्षण के विवादास्पद प्रावधान को हटाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए द्रमुक ने सोमवार को कहा कि इससे पता चलता है कि पार्टी संरक्षक स्वर्गीय एम करुणानिधि ‘जिंदा’ हैं। अपनी पार्टी के पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने एक ट्वीट में कहा, ऐसे समय में जब हम तलैवर (नेता) कलैनार (दिवंगत करुणानिधि) की जयंती मना रहे हैं, केंद्र सरकार द्वारा हिंदी को अनिवार्य विषय बनाने संबंधी प्रावधान को वापस लिए जाने से पता चलता है कि कलैनार अभी जीवित हैं। उन्होंने कहा, आइए, हम हिंदी को जबरन थोपने का विरोध कर हमेशा अपनी मातृभाषा तमिल की रक्षा करें।
गौरतलब है कि द्रमुक करुणानिधि की 95वीं जयंती मना रही है। उनका पिछले साल अगस्त में निधन हो गया था। केंद्र की तरफ से गैर हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी पढ़ाए जाने को अनिवार्य बनाने के विवादास्पद प्रावधान को वापस लेने के फैसले का तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दल द्रमुक समेत विभिन्न दलों, मशहूर संगीतकार ए आर रहमान और कांग्रेस की तेलंगाना इकाई ने सोमवार को स्वागत किया। शिक्षा नीति का संशोधित मसौदा सोमवार को जारी किया गया जिसमें हिंदी को अनिवार्य बनाए जाने का उल्लेख नहीं है। यह संशोधित मसौदा मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय की समिति की अनुशंसा पर विवाद होने के बीच जारी किया गया जिसमें गैर हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी भाषा पढ़ाने को कहा गया था। रहमान ने तमिल में ट्वीट किया, एक खूबसूरत समाधान। हिंदी तमिलनाडु में अनिवार्य नहीं है। मसौदे (नीति) में संशोधन कर दिया गया है। पीएमके के संस्थापक नेता एस रामादॉस ने एक ट्वीट में केंद्र की घोषणा को आनंदित करने वाली बात बताई। उन्होंने कहा, यह पीएमके की बड़ी जीत है जिसने तमिलनाडु के लोगों पर हिंदी को थोपने के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी। पीएमके लोकसभा में भाजपा की एक सहयोगी है।
Published on:
04 Jun 2019 12:17 am
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