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नौ लाख नवकार महामंत्र का संकल्प अनुष्ठान 15 को

श्री कीलपाक श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ के तत्वावधान में चेन्नई में सामूहिक 9 लाख नवकार महामंत्र संकल्प का भव्य अनुष्ठान 15 अगस्त को होगा। गणिवर्य द

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Mukesh Kumar Sharma

Aug 07, 2017

चेन्नई।श्री कीलपाक श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ के तत्वावधान में चेन्नई में सामूहिक 9 लाख नवकार महामंत्र संकल्प का भव्य अनुष्ठान 15 अगस्त को होगा। गणिवर्य दिव्येशचंद्र सागर के सान्निध्य में अयनावरम स्थित श्री जैन दादावाड़ी में यह कार्यक्रम 15 अगस्त को सुबह 9.00 बजे से होगा। इस कार्यक्रम में 8 से 9 हजार श्रावक श्राविकाएं एवं बालक बालिकाएं भाग लेंगे।

सोमवार को अपने प्रवचन में नवकार मंत्र के बारे में जानकारी देते हुए गणिवर्य दिव्येशचंद्र सागर ने कहा कि 15 अगस्त को देश आजाद हुआ था। ऐसे में इस दिन नमस्कार महामंत्र जाप का संकल्प कराया जाएगा। यदि कर्म क्षेत्रों से आजाद होना है तो नमस्कार महामंत्र के जाप का संकल्प लेना होगा। यह जैन धर्म का सर्वश्रेष्ठ मंत्र है। यह विश्व मंत्र है। इसके एक अक्षर के अंदर 1008 देवी देवता हैं।

यदि यह मंत्र कोई एक बार बोलता है तो 500 सागरोपम पाप नष्ट हो जाते हैं। जैन शाों में बताया गया है कि नौ लाख नमस्कार महामंत्र के जाप से व्यक्ति कभी भी नरक गति या तिर्यंच गति में नहीं सद्गति में जाता है।

देवलोक या जिनशासन में वापस उनका जन्म होता है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य विश्व शांति है। पूरे विश्व के लोगों को सुख शांति मिले। युद्ध व आंतकवाद से शांति मिले और बाढ़, सूखा आदि कुदरती आपदाएं नहीं आएंगी। इस मंत्र की महिमा बताते हुए उन्होंने बताया कि गुजरात के राजा कुमारपाल प्रतिबोध करने वाले कलिकाल सर्वज्ञ हेमचंद सूरीश्वर म.अपने मां का उपकार ऋण चुकाने के लिए सवा करोड़ नवकार मंत्र जाप को उनके चरणों में समर्पित कर दिया था। त्रिलोक मोदी एंड पार्टी अहमदाबाद सधार्मिक भक्ति का कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

तेरापंथ भवन में तपोभिनंदन समारोह का आयोजन

तेरापंथी सभा के तत्वावधान में साध्वी काव्यलता के सान्निध्य में साहुकारपेट स्थित तेरापंथ भवन में तपोभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। साध्वी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि साधना के क्षेत्र में महावीर का शासन विलक्षण है। साधना द्वारा मानव का परिष्कार होता है। जप, तप, त्याग, मौन, ध्यान और स्वाध्याय द्वारा साधक अंतर्जगत की यात्रा करता है। अध्यक्ष धरमचंद लूंकड़ ने भाई-बहनों का सम्मान किया। मंत्री विमल चिप्पड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।