
एमटीसी के बेड़े में नहीं बढ़ी मिनी बसें
चेन्नई. राज्य परिवहन विभाग ने महानगर समेत पूरे तमिलनाडु के शहरों में यात्रियों को बसों एवं मिनी बसों के जरिये बेहतर एवं सस्ती परिवहन सेवा देने का वादा किया था, वह अब तक पूरा नहीं हो पा रहा है। परिवहन विभाग ने महानगर में सौ नई विद्युत संचालित बसें चलाने की भी घोषणा की थी। इतना ही नहीं एमटीसी के बेड़े में भी पुरानी बसों को हटाकर नई बसें शािमल करने का दावा किया था लेकिन न तो मिनी बसों की संख्या बढ़ी है और न ही पुरानी बसें बदली गई हैं। शहर में दौड़ रही बसों का आलम यह है कि बस किसी का गेट टूटकर बांधा हुआ है तो किसी की खिडक़ी खुलना और बंद होना मुश्किल है। सीटों की हालत भी रामभरोसे ही चल रही है। कोई निकलकर नीचे गिर रही है तो कितनी सीटों का कवर फटा हुआ है। इतना ही नहीं चलती बस का इंजन कब बंद हो जाए चालक भी नहीं जानता। बकौल यात्री परिवहन विभाग को एमटीसी के बेड़े में नई बसें बढ़ाने की खास जरूरत है।
यहां गौरतलब है कि १३ जून २०१७ को परिवहन मंत्री एमआर विजयभास्कर ने पल्लवन हाउस में अशोक लेलंैड द्वारा निर्मित बैट्रीयुक्त बिजली संचालित बस की शुरुआत की थी। इन बसों के संचालन के बारे में परिवहन विभाग और राज्य के मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी भी कई बार जिक्र कर चुके हैं, बावजूद इसके एमटीसी के बेड़े में न तो विद्युतचालित बसें जुड़ी हैं न ही मिनी बसें। सितम्बर २०१६ में राज्य की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ने महानगर में ऐसे मार्गों जिन पर एमटीसी की बसें नहीं जा पाती जैसे संकरी गलियां एवं रेलवे स्टेशन आदि पर १०० नई मिनी बसें संचालित करने की घोषणा की थी लेकिन यह केवल घोषणा ही बनकर रह गई। हालांकि बसें चल रही हैं लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। इसके चलते यात्रियों को आवागमन के लिए ऑटो को मनमाना किराया चुकाना पड़ता है।
नहीं खरीदा ३४५ नई बसें
बतादें कि एमटीसी कर्मियों के अनुसार महानगर में ७५ प्रतिशत बसें पुरानी हो चुकी हैं, इसके बावजूद नई बसें नहीं बदली गई हैं, बहरहाल राज्य परिवहन निगम के बेड़े के लिए २१०० तथा एमटीसी के बेड़े में ३४५ नई बसें खरीदने की घोषणा की गई थी लेकिन अब तक सरकार द्वारा इन बसों की खरीद नहीं की गई है।
परिवहन निगम सूत्रों ने बताया कि राज्य परिवहन विभाग से जल्द नई बसें खरीदने की मांग की गई है। आईटीडीपी के साईंरतन चैतन्या गुरुगबेली ने कहा यह अच्छी बात है कि परिवहन विभाग और उनके कर्मचारियों ने राज्य में नई बसों के संचालन के लिए योजना बनाई है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि सालभर बीतने के बाद भी न तो राज्य परिवहर निगम और न ही एमटीसी के बेड़े में बसें नहीं बढ़ पाई हैं। शहर में दौड़ रही खटारा बसों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यात्रियों की जुबानी...
किराया बढ़ा बसें नहीं
उत्तरी चेन्नई के सभी रूटों पर संचालित अधिकांश बसें खटारा हो चुकी हंै, जिनको बदलने की सख्त रूरत है, लेकिन एमटीसी का ध्यान इस ओर जाता ही नहीं है। किराया तो बढ़ा दिया लेकिन नई बसें नहीं आई।
अमित जैन, व्यापारी, गुलेच्छा कॉलोनी
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रूटों पर बसेें घटी
नई बसें नहीं आने के कारण कई रूटों पर बसों की संख्या कम कर दी गई है। रेडहिल्स से तांबरम के बीच एमटीसी बस सेवा इसलिए बंद कर दी गई कि एमटीसी के बेड़े के बसें बहुत कम हैं और जो हैंं वे लम्बी दूरी तय करने लायक नहीं हैं। ऐसे में बसें कई रूटों पर बंद करनी पड़ी। सरकार को जल्दी ही यात्रियों की परेशानी को देखते हुए नई बसें खरीदनी चाहिए।
मनोज गुप्ता, यात्री, कावांकरै
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Published on:
07 Dec 2018 01:43 pm
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