
No poetry without compassion: Balkh Baragi
चेन्नई।बालकवि बैरागी ने कहा कि करुणा के बिना कविता नहीं लिखी जा सकती। उन्होंने कविता के तीन तत्व सपने, आंसू और मौत बताए। अपने निजी जीवन संघर्ष को छंदों से उजागर करते हुए बालकवि ने जीवन जीने की प्रेरणा दी।
उनका कहना था कि कविता में बुद्धि और विवेक से पहले संवेदना जरूरी है। आपकी आंख का आंसू अगर मेरी आंख से नहीं बहे तो मैं कवि नहीं हूं। उन्होंने युवा पीढ़ी के लिए कहा उसके पास लक्ष्य तो है लेकिन आदर्श नहीं। अगर आदर्श नहीं है तो लक्ष्य भटकाता रहेगा। उनका मानना है कि लक्ष्य ऐसा रखना चाहिए जो आपको चलता रखे।
बालकवि ने कहा, मुझे देखो और जीने की कोशिश करो। संसार को नि:सार मत समझो और सारभूत बनाओ। मैं रोता नहीं क्योंकि मैं ऐसे ही किसी का होता नहीं... मैं मरूंगा नहीं... क्योंकि मैं ऐसा कोई काम करूंगा नहीं...। उन्होंने इन कविताओं के माध्यम से कहा कि मेरे जीवन से किसी को प्रेरणा मिल जाए तो इसे मैं अपना सौभाग्य समझूंगा।
गुलाबजी का पाठक हूं
&बैरागी ने कहा राजस्थान पत्रिका समूह के गुलाब कोठारी की लेखनी की तारीफ की और कहा, ‘‘मैं गुलाबजी का पाठक हूं, उनको पढ़े बिना दिन नहीं बीतता, रोज पढ़ता हूं। यह मैं अपनी अनुभूति से कह रहा हूं।’’ बैरागी ने दीपक पर लिखी अपनी कविताएं सुनकर श्रोताओं की जमकर वाहवाही बटोरी।
स्कूल में बेहोश हुई 10वीं की छात्रा निकली गर्भवती
चेन्नई के एक सरकारी स्कूल में बेहोश होकर गिरी दसवीं कक्षा की छात्रा की जब निजी अस्पताल लेजाकर जांच करवाई गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा गर्भवती निकली। इस मामले में पुलिस ने छात्रा के 27 वर्षीय पड़ोसी को उसके साथ बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया और कोर्ट पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया।
घटना के अनुसार स्कूल में कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही छात्रा बेहोश होकर गिर गई। इससे घबराए स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में उसे पास ही स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया और लडक़ी के घरवालों को जानकारी दी।
जांच में छात्रा का प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजीटिव पाए जाने पर लडक़ी की मां उसे सरकारी अस्पताल लेकर गई जहां डॉक्टरों ने एक परीक्षण के बाद स्थानीय पुलिस को एक स्कूली छात्रा के गर्भपात के लिए अस्पताल आने की सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लडक़ी और उसकी मां से सवाल जवाब किए।
पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह अपने पड़ोस में रहने वाले एक निर्माण मजदूर से प्यार करने लगी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों एक दूसरे को पिछले तीन वर्षों से जानते थे। वह अक्सर आपस में मिलते रहते थे। लडक़ी के पिता कुली का काम करते हैं और परिवार उत्तरी चेन्नई में किराए के मकान में रहता है। बाद में मामले को एक महिला पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया जहां पोस्को एक्ट के तहत केस रजिस्टर किया गया।
Published on:
20 Nov 2017 09:06 pm
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