
तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय, केंद्र और राज्य को नोटिस जारी
मदुरै.
मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै शाखा ने तमिलनाडु में नवोदय स्कूल खोलने की मांग वाले मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को जवाब देने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय की मदुरै शाखा में मदुरै अन्ना नगर, अधिवक्ता मोहम्मद रासवी द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि "भारत में, तमिलनाडु के अलावा अन्य राज्यों में केंद्र सरकार के नवोदय स्कूल चल रहे हैं।
ये स्कूल प्रतिवर्ष केवल 200 रुपये शुल्क लेते हैं। राज्य सरकार तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय खोलने से इनकार करते हुए कहती रही हैं कि यह राज्य का नीतिगत फैसला है। यदि राज्य सरकार नवोदय विद्यालय शुरू करने के लिए जगह उपलब्ध कराती है तो यह काफी है। केंद्र सरकार 20 करोड़ रुपये की लागत से उस स्थान पर नवोदय विद्यालय शुरू करेगी।
तमिलनाडु में नवोदय स्कूलों की कमी के कारण गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में अधिक फीस देनी पड़ती है। इसलिए, तमिलनाडु सरकार को तमिलनाडु में केंद्र सरकार के नवोदय स्कूल शुरू करने और आवश्यक बुनियादी ढांचा प्रदान करने का आदेश दिया जाना चाहिए।"
याचिका पर शुक्रवार को न्यायमूर्ति एम दुरैसामी और न्यायमूर्ति के मुरलीशंकर ने सुनवाई की। लोक अभियोजक ने तर्क दिया, "नवोदय स्कूल शुरू करना सरकार का नीतिगत निर्णय है। इस पर केवल सरकार ही फैसला कर सकती है।"
याचिकाकर्ता के वकील के. नीलमेघम और देवराज महेश ने तर्क दिया कि "अगर तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय स्कूल शुरू किया जाता है, तो जिन लोगों को स्कूल की फीस देने में कठिनाई हो रही है, उन्हें फायदा होगा।"
न्यायाधीशों ने दलीलें सुनने के बाद केंद्र और राज्य सरकार को मामले का जवाब देने का आदेश दिया।
Published on:
24 Sept 2021 08:29 pm
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