
now namaste and ram ram sa
चेन्नई. कोरोना ने लोगों की जीवन शैली बदल दी। रहन-सहन व खान-पान तौर-तरीके बदल दिए। यही नहीं लोगों की दिनचर्या भी बदल गई। ऐसा लगता है फिर से पुरानी संस्कृति लौट आई। हमारे अभिवादन का तरीका फिर से बदल गया।
नमस्ते की परम्परा पुराने समय से
पुराने दौर की नमस्ते की परम्परा हाय, हैलो व हाथ मिलाकर अभिवादन में परिवर्तित हो गई थी जो पुन: वहीं आ गई। कोरोना से बचाव में दो गज दूरी का फासला रखना होता है। यही वजह है कि अब न तो गले मिल रहे और न हाथ मिला रहे। बस दूर से नमस्ते कर लेते हैं। बड़े-बुजुर्ग बताते हैं कि नमस्ते की परम्परा पुराने समय से चली आ रही है।
गांव में राम-राम करने की परम्परा
शहरी व पाश्चात्य कल्चर ने जरूर हाथ मिलाने व गले लगने की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। गांव में लोग आज भी दूर से ही राम-राम करने की परम्परा है।
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गांवों में आज भी आदरभाव
श्री जाट समाज तमिलनाडु के अध्यक्ष डालूराम बेनीवाल कुडछी कहते हैं, गांवों में आज भी अभिभावन का पुराना तरीका ही है। बड़े-बुजुर्गों का आदर है। हाथ जोड़कर व खड़े रहकर राम-राम सा के माध्यम से अभिवादन किया जाता है। नई पीढ़ी में जरूर परिवर्तन आ गया है।
Updated on:
15 Jul 2020 10:37 pm
Published on:
15 Jul 2020 10:30 pm
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