
Officials who do not stop illegal construction, traitors of the country: Madras High Court
चेन्नई।मद्रास हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की कि जो अधिकारी अवैध निर्माण को रोकने में विफल रहते हैं वे देश के गद्दार हैं। न्यायालय की यह टिप्पणी महानगर में बने नौ माले के अस्पताल पर थी जबकि अनुमति निचले माले समेत ४ तल की ही थी।
न्यायालय ने शेनॉय नगर में बने बिलरॉथ हॉस्पिटल के छह अवैध मालों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इन सभी को गिराने के आदेश दिए हैं। न्यायिक बेंच ने आदेश में ३१ मई के बाद से तीसरे माले से ऊपर के सभी मंजिलों की बिजली आपूर्ति काटने तथा अस्पताल को अवैध मालों में मरीजों की भर्ती नहीं करने को भी कहा है।
न्यायिक बेंच के सदस्य जजों एस. वैद्यनाथन व सुब्रमण्यम प्रसाद ने टी. मोहन को एमिकस क्यूरी नियुक्त करते हुए कार्य सौंपा है कि वे सीएमडीए के सदस्य सचिव के साथ अतिक्रमण वाली साइट पर मौजूद रहें और अवैध मंजिलों को गिराने का निरीक्षण करें। दोनों को निर्देश हुआ है कि वे ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के फोटो और वीडियो २४ जून को हाईकोर्ट को उपलब्ध कराएं। उस दिन इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
न्यायालय में अरुम्बाक्कम निवासी याची पी. कृष्णन ने हाईकोर्ट से आग्रह किया था बिलरॉथ अस्पताल के अवैध निर्माण को गिराए जाने का निर्देश दिया जाए। अस्पताल का कहना था कि अनधिकृत हिस्से के नियमन का आवेदन सरकार के पास लम्बित है। अस्पताल में मरीज भर्ती हैं और यह याचिका निजी प्रतिशोध की वजह से लगाई गई है। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि तीन माले तक की योजना को मंजूरी दी गई थी।
Published on:
18 May 2019 12:35 am
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