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चेन्नई में ओला उबर चालकों ने किराए दर बढ़ाने की मांग को लेकर चक्का जाम किया

चेन्नई के दो जगहों पर चक्का जाम कर दिया। वालाजा रोड स्थित स्टेट गेस्ट हाउस और माउंट रोड पर एलआईसी बिल्डिंग के सामने कैब चालकों ने अपनी गाडिय़ा खड़ी कर दी और चक्का जाम कर दिया।

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Ola, Uber drivers go on strike in chennai

Ola, Uber drivers go on strike in chennai

चेन्नई.

ईधन के कीमतों में लगातार वृद्धि के चलते किराया दर बढ़ाने की मांग को लेकर चेन्नई में ओला व उबर ऐप टैक्सी सेवा से जुड़े कैब चालक व संचालक बुधवार से हड़ताल पर हैं। संचालकों ने अपनी डिवाइस बंद कर दी, जिससे सवारी बुकिंग ही नहीं कर सकीं।

इस बीच शुक्रवार को सौ से अधिक कैब चालक व संचालकों ने किराया दर में बढ़ोत्तरी समेत अन्य मांगों को लेकर चेन्नई के दो जगहों पर चक्का जाम कर दिया। वालाजा रोड स्थित स्टेट गेस्ट हाउस और माउंट रोड पर एलआईसी बिल्डिंग के सामने कैब चालकों ने अपनी गाडिय़ा खड़ी कर दी और चक्का जाम कर दिया। इससे यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गई और कैब चालकों को समझाइशी की। करीब 30 मिनट तक चले इस चक्का जाम में कैब चालकों ने प्रदर्शन व नारेबाजी कर हड़ताल जारी रखने का एलान किया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से ईधन के दाम कम करने अन्यथा किराया दर में वृद्धि का ऐलान करने की मांग की। इस बीच कुछ कैब चालकों को हिरासत में लिया गया।

मौके पर पहुंचकर आला पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और कैब चालकों को समझाकर वहां से हटाया। पुलिस ने बताया कि पेट्रोल व डीजल के दाम में बढ़ोतरी को कम करने समेत कंपनी और संचालकों के बीच करार को संशोधित करने आदि की मांग को लेकर संचालक हड़ताल पर गए हैं। दोनों जगह पर चक्का जाम करने से आवाजही प्रभावित हुई है। प्रदर्शन के दौरान संचालकों ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम काफी बढ़ गए हैं और इससे उनका काम-धंधा काफी प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन में शामिल एक कैब चालक मुरुगन ने बताया कि कैब चालकों की मांगों पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। लॉकडाउन के चलते भारी वित्तीय संकट के कारण चालक अपनी कैब की किश्तें भरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। चालकों ने किश्तें नहीं भरीं तो बैंक वाले उनकी कैब छीन लेंगे। सके अलावा किराया व कमीशन कंपनी के बजाय सरकार तय करें।

एक अन्य चालक राजेश ने बताया कि ओला उबर कंपनी अपने कमीशन की बढ़ोतरी कर रही है। इसके साथ ही साथ अपनी व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों कंपनी लगातार यात्रियों की बुकिंग रेट को कम कर रहीं हैं, लेकिन अपने कमीशन के प्रतिशत में कोई कमी नहीं ला रहीं है। इससे टैक्सी चालकों को नुकसान होता है।