चेन्नई.
अन्नाद्रमुक के महासचिव एडपाडी के. पलनीस्वामी ने द्रविड मुनेत्र कषझम (द्रमुक) शासन से चक्रवात राहत राशि 6,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपए करने की मांग की, क्योंकि भीषण चक्रवात में लोगों ने अपना सामान और आजीविका का साधन खो दिया है। पलनीस्वामी ने आरोप लगाया कि द्रमुक शासन ने बाढ़ के पानी की निकासी के लिए नाली बनाने का काम ठीक से नहीं किया। साथ ही उन्होंने सरकार पर जलभराव रोकने के लिए ‘‘उचित एहतियाती कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया।’’ चक्रवात ‘मिचौंग’ के कारण भारी बारिश से आई बाढ़ के बाद दैनिक वेतन भोगी और मध्यम वर्ग के लोग काम पर नहीं जा पा रहे हैं जिसका असर उनकी कमाई पर पड़ा है।
इसके अलावा घरों में पानी भर जाने से लोगों के घरों का सामना भी खराब हुआ है। पलनीस्वामी ने कहा कि इसलिए बाढ़ और बारिश से प्रभावित परिवारों के लिए घोषित 6,000 रुपए की नकद सहायता राशि को बढ़ाकर 12,000 रुपए किया जाना चाहिए और यह मदद बिना किसी शर्त के सभी प्रभावितों को दी जानी चाहिए।
अन्नाद्रमुक सुप्रीमो ने कावेरी डेल्टा क्षेत्र और कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और चेंगलपेट जिलों में धान के लिए 17,000 रुपए प्रति एकड़ से 25,000 रुपए प्रति एकड़ के बीच फसल नुकसान मुआवजे की मांग की।
नौ दिसम्बर को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने धान सहित बारिश से प्रभावित फसलों (33 प्रतिशत और अधिक) के लिए मुआवजा 13,500 रुपए प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 17,000 रुपये करने का आदेश दिया था।