
कोयम्बत्तूर. पेयजल संकट से जूझ रहे कोयम्बत्तूर में लोगों ने अब बेहतर बारिश की कामना के लिए पूजा-अनुष्ठान शुरु कर दिए हैं। शहर के हवाई अड्डे के पास की तीन कॉलोनियों के लोगों ने इन्द्र देव को प्रसन्न करने के लिए नीम व पीपल के पेड़ के विवाह की रस्म अदा की। यह आयोजन एक मंदिर में किया गया। हवाई अड्डे के पास सेल्वा विनायक मंदिर के आसपास रहने वाले परिवारों ने वर व वधू के परिजनों की भूमिका निभाई।
समारोह में वर के रुप में पीपल वृक्ष की वधू नीम से विधि विधान पूर्वक हिन्दू रीति रिवाज से शादी कराई गई
यहां के लोगों ने बताया कि कोयम्बत्तूर में पेयजल स्थायी समस्या बन गया है। इसका कारण शहर में कई सालों से कम बरसात होना है। हालत यह है कि सामान्य दिनों में भी हर छह दिन बाद पीने का पानी मिल रहा है। ज्यादा संकट होने पर माह में सिर्फ दो बार पानी दिया जाता है।संकट से निजात के लिए हवाई अड्डे के पास की कॉलोनी वृन्दावन नगर, पूगा नगर व चित्रा नगर के लोगों ने अनुष्ठान करने का फैसला किया। इसी के तहत मंदिर में पीपल व नीम के पेड़ों की शादी रचाई गई। विवाह समारोह के लिए बाकायदा कार्ड छपवाए गए। तीनों कॉलोनियों के लोगों ने अपने परिचितों को आमंत्रित किया। समारोह में वर के रुप में पीपल वृक्ष की वधू नीम से विधि विधान पूर्वक हिन्दू रीति रिवाज से शादी कराई गई। वर-वधू के परिजनों की भूमिका अदा कर रहे कॉलोनी के लोगों ने बैण्ड पार्टी बुलवाई। गीत-संगीत सहभोज का आयोजन किया गया। मंदिर प्रबंधन समिति के सुब्रमण्यम ने बताया शादी हिन्दू रीति रिवाज के अनुरुप आयोजित की गई। इसमें यह संदेश भी छुपा है कि पेड़-पौधों का सम्मान व संरक्षण करें। खूब सारे पेड़ लगाएं। उनकी देखभाल करें। इससे इन्द्रदेव प्रसन्न होंगे व स्वत: ही बरसात का औसत बढऩे लगेगा। बरसात अपने साथ सुख-समृद्धि लाएगी।
Published on:
02 May 2018 07:13 pm
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