
कोयम्बत्तूर .तिरुपुर में हाउसिंग को ऑपरेटिव सोसायटी चुनाव में नामांकन के दौरान एआईएडीएमके व डीमके कार्यकर्ता भिड़ गए। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए हल्का लाठी चार्ज करना पड़ा। इस बीच निर्वाचन अधिकारी ने अनिश्चित काल के लिए नामांकन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी ।सूत्रों के मुताबिक तयसमय पर तिरुपुर के पूर्व मेयर व डीएमके नेता सेल्वराज कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन पत्र दाखिल करने के लिएआए।इसी दौरान पूर्व मंत्री व एआईडीएमके नेता आनंदन भी समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करने आए।आरोप है कि पुलिस ने सेल्वराज व डीएमके कार्यकर्ताओं को बाहर रोक दिया। इस पर डीएमके कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की। बाहर खड़े एआईएडीएमके कार्यकर्ताओं के साथ कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में मारपीट होने लगी।
इस दौरान कईडीएमके व कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थकों के चोटें आईं
पुलिस के समझाइश के बाद भी हालात काबू में नहीं आते देख आखिर हल्का लाठी चार्जकर भीड़ को खदेडऩा पड़ा।बताया जाता है कि इस दौरान कईडीएमके व कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थकों के चोटें आईं। इनमें से डीएमके के चार कार्यकर्ताओं को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीएमके समर्थकों ने निर्वाचन अधिकारी पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग की। नारेबाजी व विवाद बढ़ता देख निर्वाचन अधिकारी शोबा ने अनिश्चित काल के लिए नामांकन प्रक्रिया स्थगित कर दी । बताया जाता है कि प्रशासन को यहां पहले से ही गड़बड़ी की आशंका थी। इसलिए 100 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। उल्लेखनीय है कि अप्रेल की शुरुआत में ही डीएमके विधायक व कोयम्बत्तूर शहर जिलाध्यक्ष एन कार्तिक को ऑपरेटिव चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जिला कलक्टर से मिले थे। उन्होंने सहकारी समितियों के स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने की मांग की थी । विधायक का आरोप था कि सत्तारुढ़ एडीएमके पांच साल पहले की तरह इस बार भी चुनाव प्रक्रिया में धांधली करने पर उतारु है। जो लोग एडीएमके प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें धमकाया जा रहा है। यहां तक कि प्रशासन भी एडीएमके के इशारे पर उम्मीदवारों के नामांकन पत्र लेने में टालमटोल कर रहा है। उन्हें कोई न कोई बहाने बना कर नामांकन पत्र लौटाए जा रहे हैं। सहकारी समितियों के चुनाव जीतने के लिए एडीएमके गलत तरीके अपना रहा है। इस काम में कई अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। विधायक के इन आरोपों में दम भी नजर आया जब नौ अप्रेल को कलापट्टी सहकारी समिति के चुनाव के लिए जारी मतदाता सूची में 119 वें क्रमांक पर मतदाता का नाम राज्यपाल तमिलनाडु दर्ज था। उनके पिता का नाम सरकार है और पता तमिलनाडु लिखा हुआ था।

Published on:
01 May 2018 03:03 pm
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