
आईटी कम्पनी में कार्यरत युवक गरीब परिवारों में बांटी सहायता
वेलूर. देश में लॉकडाउन के कारण सबसे ज्यादा अगर परेशानी में पड़ा है तो वह निम्न वर्ग के साथ रोज कमाने खाने वाला मजदूर था। पूर्ण लॉकडाउन के कारण रिक्शा चालक एवं फुटपाथ पर रहने वाले लोग काम काज नहीं होने के कारण भुखमरी के कगार पर पहुंच गए। ऐसे समय में कई सामाजिक संगठनों ने आगे बढ़कर इन बेबस लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था किए। लॉकडाउन के दौरान गरीब जनता की परेशानी को देख सतुआचारी निवासी दिनेश सरवणन नामक युवक जो चेन्नई में एक आईटी कम्पनी में कार्यरत है ने आगे बढ़ कर जरूरतमंदों को भोजन, दवाई, साग सब्जी से लेकर हर तरह की सहायता करना शुरू किया। दिनेश अकेले ही रोजाना एक ऑटो में भोजन, खाद्य सामग्री लेकर सड़कों पर निकल पड़ता और भूखों को भोजन देते हुए शहर व ग्रामीण इलाकों का एक चक्कर लगा आता। कभी सुबह का नाश्ता या फिर कभी आयुर्वेदिक कबसुर कुडिनीर काढ़ा बांटने में लग जाता। इतना ही नहीं कई ऐसे लोगों जो गरीब, बेसहारा महिलाएं हैं उनको उसने झोपड़ी बनाकर दी एवं किसी के कच्चे मकान की बांस की टूटी छत नई डलवा दी।
दिनेश अप्रैल माह से लेकर अब तक जरूरतमंदों की सहायता करता आ रहा है। दिनेश सरवणन ने पूछने पर बताया कि लॉकडाउन के बाद मजदूर वर्ग के लोगों खासकर उनके बच्चों भोजन के लिए तरसते देखा तो लोगों के बीच पहुंच कर उनकी समस्याएं सुनी फिर उनकी सहायता करना शुरू किया। अकेले ही जरूरतमंदों से मिलता और उनकी समस्या पूछता और सहायता करता। संसार में मानव सेवा से बढ़कर और कोई सेवा नहीं है। वह अब तक करीब दो हजार से भी ज्यादा गरीब परिवारों को सहायता पहुंचा चुका है।
Published on:
19 Jul 2020 02:20 pm
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