
Pyarelal Pitliya
चेन्नई. राजस्थान मूल के प्यारेलाल पीतलिया के राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य बनने की चर्चा है। वे पूर्ववर्ती डीएमके सरकार में भी आयोग के सदस्य रह चुके हैं। पीतलिया को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का करीबी माना जाता है।
तमिलनाडु राज्य अल्पसंख्यक आयोग अल्पसंख्यकों की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए उनके कल्याण के लिए काम करता है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग का पुनर्गठन किया है और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एस पीटर अल्फोंस को तमिलनाडु राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने अपने कार्यकाल के दौरान 13 दिसंबर 1989 को तमिलनाडु राज्य अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया। 2010 में जब करुणानिधि ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, तब तमिलनाडु राज्य अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम पारित किया गया था।
मुख्यमंत्री का आभार
पिछली एआईएडीएमके सरकार ने 2019 में टी जॉन महेंद्रन को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष चेयरमैन किया था और डीएमके के कार्यभार संभालने के बाद आयोग का पुनर्गठन किया गया है। पीटर अल्फोंस ने तीन बार विधायक के रूप में कार्य किया। 1989 में और 1991 में तेनकासी निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर और 2006 में कदयानल्लूर निर्वाचन क्षेत्र से जीते। नियुक्ति आदेश मिलने के बाद पीटर अल्फोंस ने मुख्यमंत्री को उन पर भरोसा करने और चेयरमैन का पद सौंपने के लिए धन्यवाद दिया।
सरकार व अल्पसंख्यकों के बीच सेतु का काम
उन्होंने कहा, मैं राज्य सरकार और राज्य में अल्पसंख्यकों के बीच एक सेतु का काम करूंगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले से ही अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं और उन्हें उनकी बहुत चिंता है। मैं अल्पसंख्यकों के कल्याण से संबंधित मुद्दों को मुख्यमंत्री के पास ले जाऊंगा और उन्हें राज्य सरकार द्वारा उनके कल्याण के लिए लिए गए निर्णयों से अवगत कराऊंगा। मैं राज्य के विकास और विकास में अल्पसंख्यकों को एकीकृत करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करूंगा।
Published on:
30 Jun 2021 06:15 pm
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