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राजगोपाल को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति

अपहरण और हत्या मामला : दक्षिण भारत के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट शृंखला के मालिक पी. राजगोपाल को Kidnapping and murder cases में आजीवन कारावास (Life imprisonment) की सजा हुई है। गत ९ जुलाई को आत्मसमर्पण करने के बाद राजगोपाल को स्टेनली सरकारी अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया है

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Rajgopal to be admitted to private hospital

राजगोपाल को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति

चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट शृंखला के मालिक पी. राजगोपाल को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति दी। राजगोपाल को अपहरण और हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई है। गत ९ जुलाई को आत्मसमर्पण करने के बाद राजगोपाल को स्टेनली सरकारी अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया है। राजगोपाल के बेटे आर. सरवणन द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश एम.एम. सुंदरेश और एम. निर्मल कुमार की खंडपीठ ने अनुमति प्रदान की। अपनी याचिका में सरवणन ने कहा कि स्टेनली अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों ने दवाइयां बदल दी तो उनकी हालत और बिगड़ गई है। ऐसे में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराए जाने की अनुमति दी जाए। उल्लेखनीय है कि राजगोपाल को 2009 में मद्रास उच्च न्यायालय ने संतकुमार के अपहरण और हत्या का दोषी करार दिया था।

राजगोपाल अपने कर्मचारी की बेटी जीवज्योति से तीसरा विवाह करना चाहता था पर उसने संतकुमार नामक युवक से शादी कर ली। इसके बाद 20०१ में राजगोपाल के लोगों ने संतकुमार की हत्या कर दी थी। जीवज्योति की शिकायत पर 2004 में एक सत्र अदालत ने राजगोपाल को दोषी पाया और उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। राजगोपाल ने मद्रास उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी तो 2009 में इस सजा को आजीवन कारावास की सजा में बदल दिया गया। राजगोपाल ने इस फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील की, मार्च 2019 में सर्वोच्च न्यायालय ने मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को बरकारार रखते हुए उनको आत्मसमर्पण करने के लिए 7 जुलाई तक का समय दिया।