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चेन्नई. भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन सोमवार को यहां सादे रूप में मनाया गया। इस बार वो रौनक नजर नहीं आई जो अमूमन रक्षाबंधन के दिन दिखती है। केवल रस्मअदायगी ही हुई। कोरोना के चलते बाजारों में भी इस बार अपेक्षाकृत चहल-पहल कम ही नजर आई। प्रवासी समाज ने भी परम्परागत तरीके से राखी का त्यौैहार मनाया। बहिनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधी तो भाइयों ने भी बहिनों को उपहार भेंट किए। राखी का त्यौंहार इस बार घरों तक ही सिमटा नजर आया। बहुत कम बहिनें ही घर से बाहर राखी बांधने के लिए निकली।
हालांकि रक्षाबंधन की खुशी के बीच लोग सतर्क भी नजर आए। मास्क के साथ राखी बांध सुरक्षा का संदेश भी दिया।
कई जगह वर्चुअल तरीका
इस बार कोरोना के चलचे दूर रहने वाली बहनें भाई के घर नहीं जा सकी तो वर्चुअली तरीके से रक्षा सूत्र बांधा गया। वर्चुअली रक्षाबंधन के तहत वीडियो कांलिंग का सहारा लिया। भाई बहन के इस पवित्र त्यौहार में परिवार के लोग भी साक्षी बने। इस बार ई-कामर्स वेबसाइट पर भी खूब राखियां भेजी गई।
दिन भर रहा मुहूर्त
पंडित पुष्करराज शाी ने बताया कि रक्षाबंधन पर आज शुभ मुहूर्त में बहिनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधी। हालांकि राखी बांधने के समय सभी परम्परागत विधि के अनुसार ही कार्य किए गए। सोमवार सुबह साढे नौ तक भद्रा के बाद राखी बांधने का मुहूर्त शुरू हो गया था।
घर पर ही मनाया पर्व
चेन्नई महानगर के अड्यार इलाके में रहने वाले राजस्थान प्रवासी सत्ताराम पोटलिया का कहना था, इस बार बाजार में भी रक्षाबंधन पर विशेष चहल-पहल नहीं दिखी। रक्षाबंधन को भी केवल परम्परा निभाते हुए मनाया गया। दूर रहने वाले अपनी भाइयों के पास बहनें नहीं पहुंच सकीं। कोरोना एवं आवागमन की परेशानी के चलते लोगों ने घरों में रहकर ही राखी का पर्व मनाया।
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Published on:
03 Aug 2020 06:24 pm
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