
चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्य पर्व पोंगल पर आसीसी दिवा ने विशेष आयोजन किया है। चार दिवसीय पोंगल के उपलक्ष्य में आरसीसी किड्स नाम के इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को तिरुवल्लूर स्थित एग्रीटेेक फार्म हाउस ले जाया गया तथा किसानों के कृषि कार्य और ग्राम्य जीवन से रूबरू कराया। इससे उत्साहित हुए बच्चों ने प्रण किया कि वे अपने जीवन में कभी भी अनाज को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
किसान ने उनको फसल पैदा करने की पूरी प्रक्रिया बताई
आरसीसी दिवा की स्वाति नाहर के अनुसार दिवा परिवार के 51 बच्चों के लिए यह बेहद कौतूहल और खुशी का क्षण था जब उनको शहर की भीड़-भाड़ से दूर फार्म हाउस ले जाया गया। वहां उन्होंने एक किसान के रूप में एक दिन जीया। उनको फार्म में किसान जीवन के संघर्ष और कार्यों का अनुभव हुआ। उन्होंने ओखली चलाई, पौधे रोपे, बीज बोए और अन्य कृषि कार्यों को देखा, सीखा और किया। फार्म हाउस के किसान ने उनको फसल पैदा करने की पूरी प्रक्रिया बताई कि किस तरह जमीन का चयन होता है। फिर जमीन के आधार पर फसल का निर्धारण किया जाता है। फसल तय होने के बाद बीज बुआई, निराई, सिंचाई, खाद देना और फिर फसल पकने के बाद कटाई की जाती है।धरातल पर कृषि कार्य और अन्न उत्पादन की प्रक्रिया का अनुभव होने के बाद बच्चों ने अनाज की कीमत को जाना कि किस तरह परिश्रमी और मेहनती किसान हमारा पेट भरने के लिए खेती करते हैं। बच्चों को विविध ऋतुओं में किसानों को होने वाली पीड़ा और समस्या के बारे में भी बताया गया।
हुआ मनोरंजन भी
बच्चों ने कृषि कार्य सीखने के साथ ही खूब लुत्फ भी लिया। वे बैलगाड़ी में बैठे, ट्रेक्टर की सवारी की और वहां की छोटी बावड़ी में तैरना भी सीखा। साथ ही संकल्प किया कि वे किसानों की उपज का एक भी दाना व्यर्थ नहीं करेंगे। इस मौके पर आरसीसी दिवा के पदाधिकारियों ने भी बच्चों का मनोबल बढ़ाया।

Updated on:
18 Jan 2018 08:36 pm
Published on:
18 Jan 2018 08:21 pm
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