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भाषा की बोध-यात्रा, उच्चारण-शुद्धि : मेघाणी

तमिलनाडु हिंदी अकादमी द्वारा शनिवार को अकादमी-संस्थापक स्व. बालशौरि रेड्डी के पश्चिम माम्बलम स्थित निवास ज्योति निकेतन में मासिक ...

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Realization of language, travel, pronunciation: purgery: Meghani

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चेन्नई।तमिलनाडु हिंदी अकादमी द्वारा शनिवार को अकादमी-संस्थापक स्व. बालशौरि रेड्डी के पश्चिम माम्बलम स्थित निवास ज्योति निकेतन में मासिक व्याख्यान का आयोजन हुआ जिसकी शुरुआत ई. बालमणि के मंगलाचरण से हुई। मुख्य वक्ता आकाशवाणी चेन्नई के उद्घोषक उदय मेघाणी थे। उन्होंने ‘हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के उच्चारण में समानता एवं भेद’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा हिन्दी के अध्यापन और प्रचार में सही व शुद्ध उच्चारण का बहुत महत्व है। उच्चारण शुद्धि किसी भी भाषा की बोध-यात्रा है। सही उच्चारण से शब्द, अक्षर व ध्वनि में निहित मंत्रशक्ति भी प्रभावी होती है। उच्चारण का बोलने व सुनने वाले के अवचेतन मन पर असर होता है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि अनेक हिन्दी विद्वान भी सही उच्चारण के प्रति सजग नहीं हैं।

स्वागत भाषण में अध्यक्ष डॉ. सु. कृष्णचंद चोरडिय़ा ने हिन्दी के लिए उद्देश्यपरक होकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्य वक्ता मेघाणी एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजलक्ष्मी कृष्णन को साहित्य भेंट किया। साहित्यकार डॉ. दिलीप धींग ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया। रा. कृष्णमूर्ति ने आभार जताया। संचालन सचिव जे. अशोककुमार शास्त्री एवं रा. कृष्णमूर्ति ने धन्यवाद ज्ञापित किया।