
Red Cross Rider aboard the Seven Principles
चेन्नई।भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी सात सिद्धांतों के रथ पर सवार है जिसका एकमात्र मकसद मानव कल्याण और परोपकार है। तमिलनाडु के सभी जिलों में रेडक्रॉस सोसायटी की शाखा है जिसका समाज कल्याण में अमूल्य योगदान है। मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वाधीनता, स्वैच्छिक सेवा, एकता व सार्वभौमिकता के सिद्धांतों की नींव पर रेडक्रॉस की इमारत खड़ी है।
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की तमिलनाडु शाखा का दायरा काफी व्यापक है। एगमोर स्थित सोसायटी के परिसर में डे-केयर हॉस्पिटल, ब्लड बैंक, कृत्रिम अंग केंद्र, फिजियो व फिटनैस सेंटर है।
पिछले कुछ सालों में आपदा प्रबंधन और ओपन डेटा किट का प्रशिक्षण भी आरंभ किया गया है। सोसायटी ने गाजा तूफान के वक्त प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर किया। रेडक्रॉस के अस्पताल में अकेले फरवरी और मार्च महीने में करीब पांच हजार मरीजों का इलाज किया गया। मार्च २०१९ तक २५ रक्तदान शिविरों के माध्यम से १४९० यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
रेडक्रॉस की तमिलनाडु शाखा के चेयरमैन हरीश एल. मेहता ने बताया कि इसका उदय २७ नवम्बर १९२० को हुआ। वर्तमान में इसके प्रेसिडेंट तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित हैं। रेडक्रॉस की शाखाएं सभी ३२ जिलों में हैं और ८९ तहसीलों में भी इसकी मौजूदगी है। जिले में सोसायटी जिला कलक्टर की निगरानी में कार्य करती है। हम आपदा प्रबंधन और ऑनलाइन डेटा अपडेट जैसे प्रशिक्षण भी देते हैं।
चिकित्सा शिविर का आयोजन कल
रेडक्रॉस सोसायटी विविध मौकों पर मुफ्त चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन करती है। विश्व रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य में ९ मई को परिसर में मेडिकल कैम्प लगाया गया है जिसका उद्घाटन राज्यपाल व पे्रसिडेंट बनवारीलाल पुरोहित करेंगे। शिविर में रोगियों की अल्ट्रा साउंड स्कैन समेत तमाम जांचें नि:शुल्क होंगी। रोगियों की आंखों का परीक्षण भी होगा और मोतियाबिन्द पाए जाने पर मुफ्त में ऑपरेशन भी कराया जाएगा।
इसलिए मनाते हैं रेडक्रॉस दिवस
रेडक्रॉस अभियान को जन्म देने वाले महान मानवता प्रेमी जीन हेनरी डयूनेन्ट का जन्म 8 मई 1828 में हुआ था। उनके जन्म दिवस 8 मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है। रेडक्रॉस एक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेन्सी है जिसका प्रमुख उद्देश्य रोगियों, घायलों तथा युद्धकालीन बंदियों की देखरेख करना है।
रेडक्रॉस आंदोलन के विकास में, विशेषकर 1919 ई. से किसी भी प्रकार की मानव पीड़ा को कम करने की विश्वव्यापी प्रवृत्ति की गणना रेडक्रॉस क्षेत्र के अंतर्गत मानी जाने लगी। भारत में वर्ष 1920 में पार्लियामेंट्री एक्ट के तहत भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी का गठन हुआ, तब से रेडक्रॉस के स्वंय सेवक विभिन्न प्रकार के आपदाओं में निरंतर निस्वार्थ भावना से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
Published on:
07 May 2019 11:33 pm
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