
स्टालिन ने केंद्र सरकार के नीट पीजी कट-ऑफ को शून्य करने के फैसले को बताया: अज्ञानी और अव्यवहारिक
चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पीजी कट-ऑफ को शून्य तक कम करने के केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय "अज्ञानी और अव्यवहारिक" है और यह देश के मेडिकल शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाएगा।
स्टालिन ने कहा कि शून्य परसेंटाइल कट-ऑफ का मतलब है कि कोई भी उम्मीदवार, चाहे उसकी योग्यता कुछ भी हो, मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले सकता है। इससे मेडिकल शिक्षा का स्तर गिर जाएगा और यह देश के स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न करेगा।
केंद्र सरकार को इस फैसले को वापस लेना चाहिए और एक ऐसी कट-ऑफ निर्धारित करनी चाहिए जो मेडिकल शिक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखे।
उन्होंने कहा, NEET एक कठिन परीक्षा है और यह मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए एक आवश्यक योग्यता है। शून्य परसेंटाइल कट-ऑफ का मतलब है कि किसी भी उम्मीदवार को, चाहे उसकी योग्यता कुछ भी हो, मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल जाएगा। शून्य परसेंटाइल कट-ऑफ से देश के मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्ता में गिरावट आएगी। इससे मेडिकल छात्रों को सही प्रशिक्षण नहीं मिलेगा और इससे देश के स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को नुकसान होगा।
स्टालिन के अलावा, कई अन्य लोगों ने भी शून्य परसेंटाइल कट-ऑफ के फैसले की आलोचना की है। मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों के संगठनों ने इस फैसले को देश के मेडिकल शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।
Published on:
21 Sept 2023 06:06 pm
बड़ी खबरें
View Allचेन्नई
तमिलनाडु
ट्रेंडिंग
