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महामारी के बाद अभिभावकों का प्राइवेट स्कूलों में बढ़ा रुझान, आरटीई के तहत आए 1.42 लाख आवेदन

शिक्षा का अधिकार अभियान: 01 (पुरुषोत्तम रेड्डी ) - प्राइवेट स्कूल को तरजीह दे रहे अभिभावक - चेन्नई में आए सर्वाधिक आवेदन

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RTE Campaign-01: 1.42 lakh applications received under RTE Act in TN

RTE Campaign-01: 1.42 lakh applications received under RTE Act in TN

चेन्नई.

राज्य में मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए अभिभावक जागरूक हो गए हैं। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत राज्यभर में 1,42,175 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में प्राप्त आवेदनों की तुलना में 50 फीसदी अधिक है। अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 45 हजार अधिक आवेदन अधिक है।

चेन्नई मे सर्वाधिक आवेदन
चेन्नई में आरटीई के तहत उम्मीद से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। चेन्नई में आरटीई के तहत 392 प्राइवेट स्कूलों में 4100 सीटें हैं। इन सीटों के लिए 29000 आवेदन आए हैं। चेन्नई के बाद मदुरै और तिरुवल्लूर जिले में आरटीई के तहत करीब 29000 आवेदन प्राप्त हुए है।

मैट्रिकुलेशन स्कूल के निदेशक ए. करुप्पास्वामी के मुताबिक, राज्यभर के 8238 प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत कोटे के तहत 94,256 सीटें हैं। इनके लिए शैक्षणिक वर्ष 2022-23 के लिए 1,42,175 आवेदन मिले हैं। पिछले शैक्षणिक वर्ष (2021-22) में केवल 82,857 लोगों ने आवेदन किया था। पिछले शैक्षणिक वर्ष में प्राप्त आवेदनों की संख्या 130014 थी। वर्ष 2021-22 में लगभग 56,687 छात्रों को आरटीई के तहत नामांकन मिला था। अधिनियम के तहत निजी स्कूलों को आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के बच्चों के लिए प्रवेश के लिए अपनी 25 फीसदी सीटें आरक्षित करने की आवश्यकता है।

कोरोना की वजह पढ़ाई हुई प्रभावित
तमिलनाडु नर्सरी, प्राइमरी, मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी और सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन के महासचिव के आर. नंदकुमार ने कहा कि निजी स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया जा रहा है। महामारी के बाद राज्यभर के प्राइवेट स्कूलों में बच्चों का दाखिला रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है। फिलहाल प्रवेश प्रक्रिया जारी है। प्रयास किए जा रहे है कि अधिक से अधिक बच्चों का आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश कराया जाए। कोरोना संकट काल के बाद इसका प्रचार-प्रसार से ही अधिक आवेदन प्राप्त हुए।