
डीएमके और सेंथिल बालाजी पर चले तीर
चेन्नई. पूर्व परिवहन मंत्री सेंथिल बालाजी के पाला बदलने के बाद उनको और डीएमके को निशाना बनाए जाने की गति थम नहीं रही है। सत्तारूढ़ मंत्रियों ने तो मानो उनके खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया है। वरिष्ठ मंत्रियों की तरकश से उनके खिलाफ तीरों की बौछार कर दी गई है।
मछली पालन मंत्री डी. जयकुमार का कहना है कि डीएमके कमजोर हो चुकी है। इसलिए वह नेताओं को पकडऩे में लगी है। विश्व मछुआरा दिवस को लेकर आयोजित कई कार्यक्रमों का औपचारिक उद्घाटन करने के बाद वे शनिवार को पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा एआईएडीएमके को जनता का समर्थन है। डीएमके चाहे कितना बड़ा गठबंधन बना ले हमें कोई चिंता नहीं है। अशक्त डीएमके नेताओं को खोजने और जोडऩे में लगी है। इससे एआईएडीएमके कभी भी कमजोर नहीं होगी।
मदुरै में सहकारिता मंत्री सेलूर राजू ने सेंथिल बालाजी पर फब्ती कसी। उन्होंने कहा कि वे कोई त्यागी नहीं थे। मंत्री ने कहा कि डीएमके में पार्षद रहे सेंथिल बालाजी को मंत्री बनाकर एआईएडीएमके ने सम्मान दिया। डीएमके में शामिल होना अपनी कब्र खुद खोदने की तरह है। सच्चे कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर कभी नहीं जाएंगे। करुर में पार्टी का आधार अपेक्षाकृत मजबूत हुआ है।
धर्मपुरी में उच्च शिक्षा मंत्री ने उन नेताओं व कार्यकर्ताओं से पार्टी में फिर से शामिल होने का आह्वान किया जो पाला बदल चुके हैं। उन्होंने कहा जनता को एआईएडीएमके ने सुशासन दिया है। नतीजतन सरकार को जनता का विश्वास हासिल है। सेंथिल बालाजी के बारे में उनकी प्रतिक्रिया थी कि वे एआईएडीएमके में कभी समर्पित नहीं रहे। अन्य पार्टी से एआईएडीएमके में शामिल हुए किसी भी नेता को इतना सम्मान नहीं मिला था जितना सेंथिल बालाजी को दिया गया था। हमारा गठबंधन जनता के साथ है इसलिए चाहे कितने भी नेता पार्टी छोड़ जाएं हमें कोई चिंता नहीं हैं। कार्यकर्ताओं के समर्थन और यकीन पर यह पार्टी टिकी रहेगी।
Published on:
16 Dec 2018 05:49 pm
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