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लॉकडाउन के चलते तमिलनाडु का नमक उद्योग प्रभावित, हर साल 25 लाख टन नमक का उत्पादन, तीस हजार श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट

महामारी एवं लॉकडाउन के चलते तमिलनाडु का नमक उद्योग प्रभाविततमिलनाडु के तुत्तुकुड़ी में करीब बीस एकड़ इलाके में हर साल 25 लाख टन नमक का उत्पादन होता है- तीस हजार श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट

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salt production

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चेन्नई. कोविड-19 महामारी एवं लॉकडाउन के चलते तमिलनाडु का नमक उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। तमिलनाडु के तुत्तुकुड़ी में करीब बीस एकड़ इलाके में हर साल 25 लाख टन नमक का उत्पादन होता है। नमक उद्योग से जुड़े करीब तीस हजार श्रमिकों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। गुजरात के बाद तमिलनाडु नमक उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
तमिलनाडु में कृषि और मत्स्य पालन के बाद बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नमक उद्योग पर निर्भर है। अप्रेल से जून पीक सीजन होता है। लेकिन इस बार एवं पिछले साल भी इस अवधि में लॉकडाउन लगा रहा। ऐसे में नमक उद्योग लगभग ठप रहा। तमिलनाडु का नमक तमिलनाडु के साथ अन्य दक्षिणी राज्यों कर्नाटक और केरल के विभिन्न इलाकों में ले जाया जाता है।
लॉकडॉउन के कड़े नियमों के चलते नमक उत्पादन पर बहुत ज्यादा असर पड़ा। ज्यादातर नमक उत्पादक राज्यों ने औद्योगिक इकाइयों को बंद करवा दिया। नमक उत्पादकों के मुताबिक गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्य पिछड़े जिलों या दूसरे राज्यों के मजदूरों को खेतों मे काम पर लगाते हैं। इनमें से ज्यादातर लोग अपने घर वापस चले गए। दरअसल नमक उत्पादन के काम में लगे लोगों को मजदूरों की कमी, परिवहन का अभाव और जिलों के बीच की आवाजाही में भी पाबंदियां झेलनी पड़ी। जिसके चलते कई जगहों पर नमक का उत्पादन रोकना पड़ा।
तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान व आन्ध्रप्रदेश मे अधिक उत्पादन
गुजरात, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में देश का 95 फीसदी नमक का उत्पादन होता है। जबकि महाराष्ट्र, ओडिशा, और पश्चिम बंगाल में भी इसका उत्पादन होता है। कुल मिलाकर देश में 200 से 250 टन नमक का उत्पादन सालाना होता है। भारत में एक साल में 95 लाख टन नमक हम भारतीयों के खाने में खपत होती है। उद्योगों की ओर से सालाना 110 से 130 लाख टन नमक की मांग होती है, जबकि 60 लाख टन निर्यात होता है।
भारत नमक का तीसरा बड़ा उत्पादक देश
नमक की जरूरत पावर प्लांट, तेल कंपनियों, सोलर पावर कंपनियों, रसायन उद्योगों, टेक्सटाइल कंपनियों समेत अन्य उद्योगों में होती है। भारत में जितना भी नमक का उत्पादन होता है, उसका सबसे बड़ा हिस्सा यानि 75 से 80 फीसदी अकेले गुजरात से होता है। भारत चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नमक उत्पादक देश है।