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उदयनिधि स्टालिन ने फिर दिया सनातन धर्म पर विवादित बयान , कहा- अस्पृश्यता सनातन धर्म का हिस्सा

स्टालिन ने कहा कि अस्पृश्यता एक सामाजिक बुराई है जो सदियों से हमारे समाज में मौजूद है। यह सनातन धर्म के दर्शन पर आधारित है। यदि हम सनातन धर्म को नष्ट कर दें, तो अस्पृश्यता भी नष्ट हो जाएगी।

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उदयनिधि स्टालिन ने  फिर  दिया  सनातन धर्म पर विवादित बयान , कहा- अस्पृश्यता सनातन धर्म का हिस्सा

उदयनिधि स्टालिन ने फिर दिया सनातन धर्म पर विवादित बयान , कहा- अस्पृश्यता सनातन धर्म का हिस्सा


चेन्नई. तमिलनाडु मुख्यमंत्री के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सनातन धर्म नष्ट हो गया, तो अस्पृश्यता भी नष्ट हो जाएगी। स्टालिन का यह बयान उनके पार्टी कार्यालय में एक कार्यक्रम में दिया गया।

स्टालिन के इस बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कई लोगों ने उनके बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि स्टालिन सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

इससे पहले भी स्टालिन ने कई बार विवादित बयान दिए हैं। उन्होंने एक बार कहा था कि तमिलनाडु में हिंदू धर्म का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने एक बार यह भी कहा था कि तमिलनाडु में सभी लोग ईसाई हैं।

लोगों का कहना है कि स्टालिन का यह बयान सनातन धर्म के प्रति उनके पूर्वाग्रह को दर्शाता है। स्टालिन को सनातन धर्म के बारे में सही जानकारी नहीं है।


सनातन धर्म भारत का सबसे पुराना धर्म है। यह धर्म भारत की आबादी का लगभग 80% हिस्सा है। सनातन धर्म में अस्पृश्यता की अवधारणा नहीं है।

स्टालिन के इस बयान के बाद सनातन धर्म के समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस बढ़ने की संभावना है। यह बहस अस्पृश्यता की समस्या को हल करने के लिए की जाने वाली कोशिशों को भी प्रभावित कर सकता है।

उदयनिधि स्टालिन पहले भी दे चुकें हैं विवादित बयान

उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "सनातन धर्म लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटने वाला विचार है। इसे खत्म करना मानवता और समानता को बढ़ावा देना है। जिस तरह हम मच्छर,डेंगू, मलेरिया और कोरोना को खत्म करते हैं उसी तरह सिर्फ सनातन धर्म का विरोध करना ही काफी नहीं है। इसे समाज से पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए.''
उदयनिधि स्टालिन के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी सहित कई हिंदू संगठनों ने स्टालिन के बयान की निंदा की है।