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तमिलनाडु में बैन होगा ऑनलाइन गैम्बलिंग? विधानसभा में विधेयक पेश

तमिलनाडु के कानून मंत्री एस रेगुपति ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में ऑनलाइन जुआ खेलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए यह विधेयक पेश किया।

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तमिलनाडु में बैन होगा ऑनलाइन गैम्बलिंग? विधानसभा में विधेयक पेश

तमिलनाडु में बैन होगा ऑनलाइन गैम्बलिंग? विधानसभा में विधेयक पेश

चेन्नई.

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में ऑनलाइन गैम्बलिंग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विधानसभा में बुधवार को विधेयक पेश किया गया जिस विधेयक को सभी के सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। तमिलनाडु के कानून मंत्री एस रेगुपति ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में ऑनलाइन जुआ खेलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए यह विधेयक पेश किया। विधानसभा में ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विधेयक पेश होने के बाद राज्य में इस गेम को खेलना अब कानून अपराध मना जाएगा।

ऑनलाइन गैंबलिंग ऑनलाइन जुए या गैंबलिंग का मतलब आम तौर पर दांव लगाने और पैसे कमाने के लिए इंटरनेट का उपयोग होता है। यह एक कैसीनो की तरह ही है, लेकिन फर्क बस इतना है कि ये वर्चुअल तरीके से खेला जाता है। इसमें पोकर, स्पोर्ट गेम, कैसिनो गेम आदि शामिल हैं। राज्य सरकार का यह कदम ऑनलाइन जुए के खेल की लत के कारण आत्महत्या की बढ़ते मामलों के बाद आया है।

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में ऑनलाइन जुए पर रोक लगाने और ऑनलाइन खेलों के नियमन के लिए आठ अक्टूबर को एक अध्यादेश जारी किया था। राज्य सरकार का कहना है कि इस अध्यादेश द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने के लिए एक ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। सरकार की ओर से इस संबंध में तीन अक्टूबर को एक गजट अधिसूचना जारी की गई थी। एक अक्टूबर को राज्यपाल आर एन रवि द्वारा जारी अध्यादेश में कहा गया है कि तमिलनाडु ऑनलाइन जुआ निषेध और ऑनलाइन गेम के नियमन अध्यादेश-2022 सरकार द्वारा अधिसूचित तारीख पर लागू होगा।

ऑनलाइन गेम और जुए ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। इसके कारण कई लोग आत्महत्या कर रहे हैं, गेमिंग की लत ने लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप सामाजिक व्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।

इस अध्यादेश के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने और उसे सौंपे गए कार्यों को करने के लिए तमिलनाडु ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी के नाम से एक प्राधिकरण भी स्थापित किया जाएगा।

यह प्राधिकरण ऑनलाइन गेम को विनियमित करेगा, स्थानीय ऑनलाइन गेम प्रदाताओं को पंजीकरण का प्रमाण पत्र जारी करेगा, इसके अलावा रम्मी और पोकर जैसे ऑनलाइन गेम की पहचान भी करेगा। अधिसूचना के मुताबिक ऑनलाइन जुआ सेवाएं प्रदान करने वाला कोई भी व्यक्ति या पैसे या अन्य दांव के साथ अनुसूची में निर्दिष्ट प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को तीन साल के कारावास या 10 लाख रुपये के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने 26 सितंबर को इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी। मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के चंद्रू द्वारा ऑनलाइन जुए और जुआ खेलने संबंधी बुराइयों की रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने विधानसभा में विधेयक पेश किया था।