
चेन्नई. भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि अंगदान की दृष्टि से तमिलनाडु देश में सिरमौर है। अगर बच्चों में यकृत प्रत्यारोपण कार्यक्रम की बात की जाए तो तमिलनाडु विश्व में अग्रणी है।
सात साल की अवधि में 1000 लिवर प्रत्यारोपण करने वाले ग्लेनेगल्स ग्लोबल हेल्थ सिटी के वरिष्ठ चिकित्सक डा. मोहम्मद रेला को सम्मानित करने के बाद वे कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
राज्य में प्रत्यारोपण की लागत विदेशों के मुकाबले एक चौथाई है...
उन्होंने कहा राज्य में प्रत्यारोपण की लागत विदेशों के मुकाबले एक चौथाई है। इसलिए राज्य को प्राप्त उपलब्धि का श्रेय डा. रेला और सरकार के प्रयासों को जाता है। नायडू ने अन्य राज्यों का आह्वान किया कि वे रियायती लागत पर मेडिकल केयर उपलब्ध करा रहे तमिलनाडु का अनुसरण करें।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर ने कहा राज्य के ट्रांस्टान कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि स्व. मुख्यमंत्री जे. जयललिता के प्रत्यक्ष नियंत्रण में इसका संचालन होता था। लिहाजा राज्य ने परिवर्तन देखा। उन्होंने एक कॉर्पस फंड बनाया जिसके जरिए ३०१ नि:शुल्क ट्रांसप्लांट हुए तथा सर्जरी के बाद आजीवन इम्यूनो दवाओं की आपूर्ति की गई। इस परियोजना पर ३६६ करोड़ रुपए खर्च हुए। इस वजह से राज्य को मृत व्यक्तियों के अंगदान और प्रत्यारोपण कार्यक्रम के लिए लगातार ३ सालों से अवार्ड मिल रहा है।
डा. रेला की तारीफ की कि उन्होंने विश्वभर में 4 हजार से अधिक लिवर ट्रांसप्लांट किए है...
स्वास्थ्य सचिव जे. राधाकृष्णन ने डा. रेला की तारीफ की कि उन्होंने विश्वभर में 4 हजार से अधिक लिवर ट्रांसप्लांट किए है और उनके नाम 5 साल के बच्चे में यकृत प्रत्यारोपण का गिनीज बुक रिकॉर्ड भी है। स्टेनली सरकारी अस्पताल और ग्लेनेगल्स ग्लोबल हेल्थ सिटी के बीच हुए समझौते के तहत उनकी टीम ने 24 नि:शुल्क सर्जरी की है। पिछले साल 60 शिशुओं का लिवर ट्रांसप्लांट शून्य मृत्युदर पर हुआ जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इस अवार्ड पर डा. रेला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे वे प्रोत्साहित हुए हैं। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों व ग्लोबल अस्पताल के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
Published on:
17 Jan 2018 04:58 pm

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