
अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए समय के साथ बदलना जरूरी
चेन्नई. पूंदमल्ली स्थित सविता डेंटल कॉलेज परिसर के एम.एम. कन्वेंशन सेंटर में हाल में सविता इंजीनियरिगं कॉलेज के तेरहवें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। एआईसीटीई नई दिल्ली की उपाध्यक्ष डॉ. एम. पी. पूनिया ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है।
ऐसे में अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए उपाधिधारकों, अध्यापकों एवं प्रबंधन तीनों को इस बदलाव के साथ खुद को भी बदलना होगा। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन के साथ नहीं बदलने वाला व्यक्ति बहुत पीछे रह जाएगा।
दोपहर से पूर्व के सत्र में कैपजेमिनी के वाइस प्रेसिडेंट बालाजी एस. तिरुवेंकटाचारी ने विघटनकारी प्रौद्योगिकी पर प्रकाश डालते हुए स्नातकों को एकता एवं मानव मूल्य, परिवार एवं ग्राहकों के प्रति वचनबद्ध रहने के लिए कहा।
इस दौरान बीई, बी.टेक, एमबीए एवं एमई के कुल 901 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। समारोह की अध्यक्षता सविता एजूकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष एवं सविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंस के चांसलर डॉ. एन.एम. वीरैयन ने की। सविता इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. आर. राजेश ने उपाधिधारकों को बधाई दी। स्वागत भाषण प्रधानाचार्य डॉ. आर. रमेश तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. ए. गांधी ने किया।
टीडीएस जागरूकता कार्यक्रम के तहत 400 लोगों को मिला प्रशिक्षण
चेन्नई. आयकर विभाग ने मंगलवार को टीडीएस कटौती करने वालों के लिए अपने नुंगमबाक्कम हाई रोड स्थित कार्यालय में एक दिवसीय टीडीएस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य टीडीएस काटने वालों को टीडीएस प्रावधानों एवं इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग करने के बारे में समझाना था। इसके लिए सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर टीडीएस के वैशाली एवं गाजियाबाद से आए अधिकारियों ने लोगों को इस बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों के लगभग 400 लोगों ने भाग लिया।
टीडीएस अधिकारियों एवं टीडीएस कटौती करने वालों की मदद के लिए चेन्नई के आयकर आयुक्त (टीडीएस) के. रवि रामचंद्रन तथा टीडीएस रेंज 2 एवं 3 रेंज के संयुक्त आयकर आयुक्त आर.वी. अरुण प्रसाद भी मौजूद थे। इसके अलावा आयकर विभाग चेन्नई ने लोगों को सूचित किया कि कुछ आयकर दाताओं को फर्जी तरीके से ई-मेल एवं एसएमएस भेजकर उनसे रिफंड के लिए आवेदन करने के लिए कहा जा रहा है। आयकर विभाग ने बताया कि इस तरह के फर्जी मेल अथवा संदेश विभाग द्वारा नहीं भेजे जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा मेल अथवा एसएमएस भेजकर किसी से भी बैंक डिटेल एवं पासवर्ड आदि नहीं मांगा जाता है। आयकर विभाग ने करदाताओं से इस तरह के फर्जीवाड़े से बचने का अनुरोध किया है।
Updated on:
19 Sep 2018, 5:38 PM IST
Published on:
19 Sep 2018, 5:38 PM IST
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