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डॉक्टर को अगवा करने की कोशिश नाकाम

मौके पर पकड़ा गया आरोपी

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Try to kidnap the doctor failed

डॉक्टर को अगवा करने की कोशिश नाकाम

चेन्नई. सालिग्रामम में निजी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर कार्तिकेयन (४०) के साहस की वजह से चाकू दिखाकर उनको अगवा करने की साजिश नाकाम हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनके अपहरण की दो लाख की सुपारी दी गई थी। एक आरोपी को जनता ने पुलिस के हवाले किया है। मास्टरमाइंड समेत अन्य दो जनों की पुलिस को तलाश है।
सूत्रों के अनुसार डा. कार्तिकेयन पत्नी डॉक्टर अखिला के साथ वलसरवाक्कम में रहते हैं। उनका क्लिनिक सालिग्रामम में है। वे कोडम्बाक्कम के एक अस्पताल में विजिटिंग डॉक्टर भी हैं। वे शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे अपने क्लिनिक से घर के लिए निकले। जैसे ही वे कार में चढऩे लगे तीन लोगों ने उनको चाकू दिखाते हुए रोका और अपहरण करने की कोशिश की।
पुलिस ने बताया कि डॉक्टर चाकू देख थोड़े घबराए लेकिन तत्काल संभलते हुए मदद के लिए पुकारने लगे। उनकी आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग वहां तुरंत जुट गए। यह देख दो जने भाग खड़े हुए और तीसरा इन लोगों की पकड़ में आ गया।
विरुगम्बाक्कम पुलिस को इसकी खबर की गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने उस युवक को कब्जे में लिया और थाने ले जाकर पूछताछ की। उसका नाम पुदुकोट्टै जिले के रामुडयानपट्टी निवासी लोकब्राह्मण (२१) है। वह अपने दो साथियों मणिकंठन और सत्या के साथ डॉक्टर को अगवा करने आया था। उसके दोनों साथी भी पुदुकोट्टै जिला निवासी है।
लोकब्राह्मण ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसका साथी सत्या डा. कार्तिकेयन की क्लिनिक में काम करता है। सत्या के किसी मित्र का बच्चा अस्पताल में इलाज के दौरान मर गया था। सत्या ने उसे बताया था कि मृत बच्चे के अभिभावकों ने उसे २ लाख की सुपारी दी है कि वह डॉक्टर का अपहरण करे। सत्या ने हमको रुपए का लालच दिया और हम तैयार हो गए।
पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर लिया है और सत्या व मणिकंठन की खोज कर रही है। सत्या की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे मामले का राजफाश हो सकेगा कि किस वजह से डॉक्टर के अपहरण की साजिश रची गई।