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पुलिस में लाठी के इस्तेमाल के पारंपरिक तरीकों से बदलाव, बिना हथियार महिला पुलिस को दिया जाएगा लड़ने का प्रशिक्षण

आवड़ी कमिश्नरेट के तहत महिला पुलिस की बनेंगी विशेष टीम स्पेशल एक्शन ग्रुप को जूडो, एकिडो और जुजुत्सु में रक्षात्मक तकनीकों में किया जाएगा प्रशिक्षित

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पुलिस में लाठी के इस्तेमाल के पारंपरिक तरीकों से बदलाव, बिना हथियार महिला पुलिस को दिया जाएगा लड़ने का प्रशिक्षण

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चेन्नई. तमिलनाडु में आवड़ी पुलिस आयुक्तालय एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ चुनिंदा महिला पुलिसकर्मियों को निहत्थे युद्ध प्रशिक्षण देगा। इसके लिए आवड़ी कमिश्नरेट के तहत महिला पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई है जिसे अपराधियों को बिना किसी नुकसान के गिरफ्तारी के लिए निहत्थे युद्ध तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

आवड़ी कमिश्नरेट के स्पेशल एक्शन ग्रुप को जूडो, एकिडो और जुजुत्सु में रक्षात्मक तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण मार्शल आर्ट फॉर्म हैं। इस कदम के पीछे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और आवड़ी पुलिस आयुक्त संदीप राय राठौड़ की सोच है। आयुक्त लाठी के इस्तेमाल के पारंपरिक तरीकों से बदलाव चाहते थे।

पहले की तकनीकें पुरानी
आयुक्त ने कहा, कुछ मामलों में संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए हम जो तकनीकें अपनाते हैं, वे थोड़ी पुरानी हैं जिससे अपराधियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में हमने ऐसी तकनीकों का उपयोग करने के बारे में सोचा जो अपराध करने वाले व्यक्तियों के लिए अधिक मानवीय और कम हानिकारक हों।

इस उद्देश्य से बनाई गई 25 सदस्यीय महिला टीम फिटनेस और डाइटिंग के सख्त शासन के तहत है। फिर उस टीम को मार्शल आर्ट में प्रशिक्षित किया जा रहा है। यदि योजना सफल साबित होती है तो इसे पूरे तमिलनाडु के अन्य पुलिस थानों में भी लागू किया जाएगा ताकि अभियुक्तों को हिरासत में लेते समय उनको कम नुकसान हो जा सके। इस कदम के पीछे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और आवड़ी पुलिस आयुक्त संदीप राय राठौड़ की सोच है। आयुक्त लाठी के इस्तेमाल के पारंपरिक तरीकों से बदलाव चाहते थे।