17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चेन्नई

VIDEO: 40 घंटे बाद भी नहीं उतरा बारिश का पानी, अब भी लोगों को मदद का इंतजार

- डीजल की कमी के कारण बचाव अभियान में देरी - लोगों में निराशा, हो रहा प्रदर्शन  

Google source verification

चेन्नई.

मिचौंग के गुजर जाने और बारिश रुकने के लगभग 40 घंटे बाद भी बुधवार को चेन्नई के कई इलाके पानी में डूबे रहे। डीजल के अलावा पीने के पानी और दूध जैसी आवश्यक चीजों की कमी ने महानगर में बढ़ती हताशा को बढ़ा दिया है। बिजली कटौती के कारण भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और तीन दिनों तक बिजली नहीं रहने के बाद निवासी सड़कों पर उतर आए हैं। लोगों के विरोध और प्रदर्शन के बाद राज्य की एजेंसियों के कर्मचारियों ने राहत और पुनर्वास के प्रयास तेज कर दिए हैं।

चार से सात फीट तक पानीवेलचेरी, राम नगर, कोविलम्बाक्कम, पल्लीकरनै, मडिपाक्कम और पेरुंगलात्तूर सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं। कुछ सडक़ें अभी भी 7 से 8 फीट स्थिर पानी में डूबी हुई हैं। भूतल पर मौजूद घर पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं और विजयनगर में 4 फीट से अधिक पानी होने के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। कई जलमग्न सडक़ों पर नावें ही परिवहन का एकमात्र साधन बन गई हैं। वेलचेरी के निवासी राजेंद्रन ने कहा कि दूध की कीमत 50 से 100 रुपए तक है। “बिजली नहीं है, और हम बच्चों को इस पानी में कहा लेकर जाए।

फिर डूबा मूडीचूर

ताम्बरम सीटीओ कॉलोनी में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि 2015 की बाढ़ में सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक मूडीचूर के निवासियों ने बुधवार सुबह से जलस्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की है। यहां रहने वाले एक बैंक कर्मचारी जयचंद्रन ने कहा कि इलाका 5 फीट से अधिक पानी में डूबा हुआ है। कुछ ऐसी जगहें हैं जहां पानी का स्तर 9 फीट तक पहुंच गया है। हम पीने के लिए पानी भी उबाल नहीं सकते और पहली मंजिल पर रहने वाले लोगों के लिए भी शौचालय का उपयोग करना असंभव है। मध्य चेन्नई में पॉश आवासीय इलाके होने के बावजूद पोएस गार्डन और कस्तूरी रंगन रोड भी बाढ़ और बिजली कटौती से प्रभावित हुए हैं। मडिपाक्कम और कोलत्तूर में नाव का उपयोग कर स्थानीय निवासियों को निकाला गया।