
ये क्या ! मुंह में देशी बम फटने से हथिनी की मौत..
बताया जाता है कि देशी बम के कारण उसके मुंह में जख्म हो गए थे। इसकी वजह से वह न तो ठीक ढंग से भोजन नहीं कर पा रही थी
कोयम्बत्तूर. थोल पालयम के जंगलों में देशी बम से घायल एक हथिनी को मौत हो गई।इसकी उम्र करीब नौ वर्ष थी। घायल हथिनी के बारे में ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर तीन दिन पहले वन विभाग की एक टीम पेरीनायकन पालयम पहुंची। उसे चारे में दवा दी गई। बताया जाता है कि देशी बम के कारण उसके मुंह में जख्म हो गए थे। इसकी वजह से वह न तो ठीक ढंग से भोजन नहीं कर पा रही थी। विभाग की टीम ने उसे दवा दे कर लौट गई पर उस पर निगरानी नहीं रखी।
उल्लेखनीय है कि जंगली सूअरों से फसल को बचाने के लिए किसान कभी कभार देशी बम का उपयोग कर लेते हैं। बम को खाने की चीज समझ कर मुंह में लेकर चबाता है तो बम फट जाता है। जानवर की मौत हो जाती है
उसे खाने पीने में तकलीफ थी एक दिन पहले वह निढाल हो गई व उसका दम टूट गया । इसकी जानकारी भी ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को दी ।विभाग के पशु चिकित्सक ने हथिनी के शव की जांच की। उसका विसरा जांच के लिए लिया गया है।इधर अधिकारियों ने जंगल के आसपास बसे गांवों के लोगों को कहा कि वे वन्यजीवों से फसल को बचाने के लिए देशी बम जैसी जानलेवा वस्तुओं का उपयोग नहीं करें। उल्लेखनीय है कि जंगली सूअरों से फसल को बचाने के लिए किसान कभी कभार देशी बम का उपयोग कर लेते हैं। बम को खाने की चीज समझ कर मुंह में लेकर चबाता है तो बम फट जाता है। जानवर की मौत हो जाती है । इससे दूसरे जानवर घबरा जाते है और बाद में खेत की ओर रूख नहीं करते पर इस बार बम की बजाय हथिनी ने चबा लिया। बम फटने से उसके मुंह में ज म हो गए।
Published on:
03 Aug 2018 01:34 pm
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