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पौध चिकित्सक तैयार करना मौजूदा समय की मांग

Plant doctors वर्कशॉप का आयोजन : वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों और कृषि क्षेत्र के लोगों की समस्या समझने और जलवायु परिवर्तन के संबंध में ज्ञान प्रबंधन व क्षमता विकसित करना है

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Workshop on plant doctor

पौध चिकित्सक तैयार करना मौजूदा समय की मांग

चेन्नई. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ गुवाहाटी (आईआईटी-जी) के सेंटर फॉर रूरल टेक्नोलॉजी (सीआरटी) एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन (एमएसएसआरएफ) और नई दिल्ली के सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड बॉयोसाइंस द्वारा हाल ही में पौध चिकित्सक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह वर्कशॉप १५ से १९ जुलाई तक चला। इस वर्कशॉप में असम, ओडिशा के केवीके, एमएसएसआरएफ, असम कृषि विवि, नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट और आईआईटी गुवाहाटी के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों और कृषि क्षेत्र के लोगों की समस्या समझने और जलवायु परिवर्तन के संबंध में ज्ञान प्रबंधन व क्षमता विकसित करना है। पौधों के बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन से फसल को जोखिम से बचाया जा सकता है। गौरतलब है कि एमएसएसआरएफ और सीएबीआई साथ मिलकर पिछले आठ सालों से किसान हितैषी मॉडल का विकास करने में लगे हुए हैं। सीएबीआई का प्लांट क्लिनिक मॉडल पर तीन राज्यों में काम किया जा रहा है। इस प्रयास से फसल को होने वाली समस्या का वास्तविक समाधान मिल जा सकता है और पौध चिकित्सक तैयार किए जा सकेंगे।

इस मौके पर आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक टीजी सीतारमण ने कहा कि मौजूदा समय की मांग है कि हम ऐसे किसान हितैषी, विज्ञान व तकनीक आधारित सलाहकार प्रणाली का विकास करें जिसका लाभ किसानों को मिले और फसलों को भी नुकसान होने से बचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि पौध चिकित्सक की तरह जल चिकित्सक की भी जरूरत है, जिसपर काम किया जाना चाहिए। इस मौके पर आईआईटी गुवहाटी के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुदीप मित्रा, असम कृषि विवि के प्रधान वैज्ञानिक डा. संजय कुमार चेटिया, एमएसएसआरएफ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. आर. राजकुमार, आईआईटी-जी के सीआरटी के प्रमुख प्रोफेसर एसके काकोटि समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।