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डिफेंस कॉरिडोर झांसी के लिए 400 करोड़ का ऐलान, मध्यप्रदेश के हिस्से को नहीं किया शामिल

जनप्रतिनिधियों व ट्रेडर्स यूनियन ने पीएम,रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से की थी मांग

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छतरपुर। बुंदेलखंड के डिफेंस कॉरिडोर को सरकार ने 400 करोड़ रुपए देने का एलान किया है। केन्द्र सरकार के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बनाए जा रहे बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर में उत्तरप्रदेश के बुंदलेखंड के सात जिलों झांसी, जालौन, ललितपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, बांदा और महोबा को शामिल किया गया है। जबकि मध्यप्रदेश के बुंदलेखंड स्थित सागर संभाग के छह जिले योजना में शामिल नहीं है। 20 हजार करोड़ के निवेश से बनने वाले कॉरिडोर में ३ लाख लोगों को रोजगार देने की योजना है। कॉरिडोर में मध्यप्रदेश के बुंदलेखंड के छह जिलों सागर, छतरपुर, टीकमगढ़,दमोह, निवाड़ी और पन्ना को शामिल करने की मांग उठी थी। मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में रोजगार के अवसरो की कमी को देखते हुए सभी ने एकमत राय से कॉरिड़ोर में शामिल होने की मांग की है। कांग्रेस और भाजपा के नेताओं और ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश को लाभ दिलाने की मांग उठाई, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग भी की, लेकिन मध्यप्रदेश को कोई लाभ नहीं मिला है।

सिर्फ यूपी के बुंदेलखंड को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में डिफेंस कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। यूपी में बनने वाला यह रक्षा गलियारा झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं लखनऊ में विकसित किया जा रहा है। इसका करीब 60 फीसदी हिस्सा झांसी में है। यहां गरौठा तहसील के एरच, गेंदा, कबूला, झबरा, नेकारा, कठर्री एवं लभेरा गांव में करीब 1034 हेक्टेयर जमीन यूपीडा ले चुका। अभी 183 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय की इकाई भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने अपनी इकाई लगाने का काम भी शुरू कर दिया है लेकिन, भूमि अधिग्रहण में ही अधिकांश धन राशि खर्च हो जाने की वजह से गलियारे के भीतर बुनियादी सहूलियतें तैयार नहीं हुईं। अब उत्तरप्रदेश सरकार ने अपने बजट में करीब चार सौ करोड़ का प्रावधान कर दिया।

देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ रोजगार देने की योजना
इस कॉरिडोर की मदद से करीब तीन लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस रक्षा गलियारे में अपनी इकाई लगाने के लिए देसी समेत विदेशी कंपनियों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। इससे देश को रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकेगा। मेक इन इंडिया के तहत इस गलियारे में बुलेट प्रूफ जैकेट, ड्रोन, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर तोप एवं उसके गोले, मिसाइल, बंदूकें निर्मित होंगी। यहां छोटी यूनिट भी लगेगी जहां पैराशूट, दस्ताने आदि बनाए जाएंगे।

इनका कहना है
मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के 13 जिलों को मिलाकर बुंदेलखंड बना है, ऐसे में उत्तरप्रदेश के हिस्से को शामिल करना और मध्यप्रदेश के हिस्से को छोडऩा नहीं चाहिए। मैने व्यक्तिगत रुप से प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उनसे मांग की मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड को शामिल किया जाए। हमारे इलाके में पिछड़ापन , बेरोजगारी को दूर करने के लिए उद्योगों की बेहद जरुरत है।
आलोक चतुर्वेदी, विधायक छतरपुर