
ओरछा
छतरपुर. स्वदेश दर्शन योजना के तहत देशभर में पर्यटन के विकास को बढ़ावा देने के लिए 5287.90 करोड़ रुपए की लागत से 76 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इस योजना में मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल भी शामिल हैं, जहां हेरीटेज परिपथ, इको परिपथ, वन्य जीव परिपथ जैसे विभिन्न परिपथ विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के लिए बजट भी जारी किया गया है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने 2023-24 में प्रस्तावित दो नई परियोजनाओं के लिए 43.49 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। ग्वालियर के फूलबाग एक्सपीरियंस क्षेत्र परियोजना के तहत ग्वालियर के फूलबाग क्षेत्र का विकास 16.73 करोड़ रुपए से किया जाएगा। साथ ही चित्रकूट में आध्यात्मिक एक्सपीरियंस परियोजना के चित्रकूट में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 27.21 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
मध्य प्रदेश के प्रमुख स्थलों को चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) योजना के तहत भी विकसित किया जाएगा। इनमें मांडू (संस्कृति और विरासत) और ओरछा (आध्यात्मिक पर्यटन) को शामिल किया गया है। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इन परियोजनाओं को देश के पर्यटन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने में सहायक बताया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और पर्यटन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास होगा।
मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना को नया रूप देते हुए स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 793.20 करोड़ रुपए की लागत से 34 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों की परियोजनाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा, मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन की उप-योजना 'चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी)' के तहत 42 गंतव्यों की पहचान की है, जिनमें 5 वाइब्रेंट विलेज श्रेणी के गंतव्य शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य इन गंतव्यों में पर्यटन सुविधाओं का विकास करना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में मध्य प्रदेश के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
Updated on:
04 Jan 2025 10:34 am
Published on:
04 Jan 2025 10:33 am
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
