3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

20 हजार के इनामी बदमाश ने रिटायर शिक्षक की जमीन पर कब्जा कर बनाया घर, प्रशासन ने बुलडोजर चलाया

बदमाश ने शिक्षक की जमीन पर कब्जा कर घर बना लिया था। जिसे जुआ, सट्टा खिलाने और अपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

2 min read
Google source verification
buldozer

बदमाश का घर गिराते हुए

छतरपुर. प्रशासन की संयुक्त टीम ने 20 हजार के इनामी बदमाश के घर पर बुलडोजर चला दिया। बदमाश ने शिक्षक की जमीन पर कब्जा कर घर बना लिया था। जिसे जुआ, सट्टा खिलाने और अपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। शिक्षक के पक्ष में एसडीएम न्यायालय का फैसला आने पर प्रशासन ने बदमाश का घर गिराकर जमीन का कब्जा दिलाया है।

पुरानी तहसील के पीछे हुई कार्रवाई

सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरानी तहसील के पीछे रहने वाले फरार 20 हजार के इनामी बदमाश जाकिर उर्फ जफ्फू खान के मकान तोडऩे की कार्रवाई की गई। बदमाश के खिलाफ कई थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। एसडीम छतरपुर अखिल राठौर ने बताया कि मदमाश ने उसने ईश्वरीय प्रसाद के चौरसिया के प्लाट पर और उनके बगल में यूसुफ के प्लाट पर भी कब्जा किया था। जहां पर बुलडोजर चलाया गया है। अवैध कब्जा को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है। ईश्वरीय प्रसाद चौरसिया और यूसुफ को तत्काल कब्जा दिलाया गया है। कार्रवाई में सिटी कोतवाली थाना पुलिस और नगर पालिका आमला मौजूद है। उन्होंने बताया कि पुलिस की जानकारी में है कि यहां पर जुआ और सट्टा खिलाया जाता था। वह और उसकी अपराधिक प्रवृत्ति के साथी इसी जगह पर निवास करते थे। उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर संदीप जीआर और एसपी अगम जैन के निर्देशन में इस प्रकार के अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर कार्यवाही की जा रही है और आगे भी की जाएगी।

एक और प्लाट का कब्जा भी छुड़वाया

रिटायर्ड शिक्षक ईश्वर्या प्रसाद चौरसिया ने बताया कि उनका पुरानी तहसील के पास 20 वाई 60 का 1200 वर्गफीट प्लाट है। जिस पर सन 2016 से जाकिर उर्फ जाफ्फू कब्जा किए है। जिसकी शिकायत थाना कोतवाली में की गई थी। इसका केस एसडीएम कोर्ट में चल रहा था। जिसका फैसला आने के बाद -प्रशासन-पुलिस ने कब्जा दिलवाया है। वहीं घर के बगल में रहने वाले यूसुफ के प्लाट पर भी अवैध कब्जा किया था। जिसे जिला प्रशासन में शिकायत करने के बाद प्रशासन ने कब्जे वाले स्थान को हटवा दिया। साथ ही मौके पर आवेदक को कब्जा दिलवाया गया।