
new system in district hospital
छतरपुर। जिला अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त करने कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। जिला अस्पताल के नए भवन के वार्डो में अब बिना पास एंट्री नहीं मिलेगी। बिना पास के प्रथम तल व उपर की मंजिलों में प्रवेश करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। भर्ती रोगियों के परिजनों को दो पास नि:शुल्क प्रदान किए जाएंगे जिससे वारी वारी से मरीजों के परिजनों को पास के साथ मिलने जाने की व्यवस्था रहेगी मरीज की छुट्टी के समय दोनों पास जमा करने होंगे। प्रवेश को लेकर नए नियम लागू करने के साथ ही पार्किंग, डॉप एंड गो, मादक पदार्थ उपभोग को लेकर भी सख्ती की गई है। नए नियम के अनुसार जुर्माना से लेकर एफआइआर तक के प्रावधान किए गए हैं।
पार्किंग में भी बदलाव
भीड़ नियंत्रण एवं पार्किंग अधिकारी डॉ. लखन तिवारी ने बताया कि अस्पताल के जवाहर रोड (दक्षिण की ओर ) वाले मुख्य द्वार से एंबुलैंस आने जाने का मार्ग निर्धारित है। इसलिए इस द्वार से लेकर नए भवन तक यानि की पुराने इमर्जेसी भवन, पुलिस चौकी एवं मंदिर के सामने तक कोई भी वाहन पार्क करने वाले पर जानबूझकर एंबुलेंस का रास्ता रोके जाने का अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा । इसके साथ ही सभी डॉक्टर एवं अस्पताल स्टाफ पूर्व दिशा के हाथी द्वार से प्रवेश करेगें । इस द्वार से आम जनता के वाहनों का प्रवेश वर्जित होगा। सिर्फ पैदल आने जाने वाले उपयोग कर सकते हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को दोपहिया वाहन खड़े करने के लिए नए व पुराने भवन के बीच के मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही चार पहिया वाहनों के लिए आयुष्मती भवन के सामने पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
15 मिनट से ज्यादा रुके तो जुर्माना
प्राइवेट ऑटो, टैक्सी, प्राइवेट एंबुलेंस को मरीज लाने एवं मरीज ले जाने के लिए सिर्फ 15 मिनट तक अस्पताल परिसर में खड़े होने की अनुमति रहेगी। इससे अधिक देर तक रुकने पर 100 रुपए प्रति घंटे की दर से जुर्माना लगाया जाएगा, जिसकी राशि रोगी कल्याण खाते में जमा कराई जाएगी।
शराब पीकर आने पर भी होगी एफआइआर
तम्बाकू गुटका अस्पताल परिसर में लेकर जाना वर्जित किया गया है। इसके साथ ही गुटका, तम्बाकू थूकने पर 200 रुपए का जुर्माना भी देना होगा। इसके अलावा शराब पीकर अस्पताल में आने पर मेडिकल कराने के साथ ही आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही अभद्र व्यवहार किए जाने पर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
बनाई गई नई व्यवस्था
जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। मरीजों के इलाज में बाधा न हो इसके ध्यान में रखते हुए सख्ती की गई है।
डॉ. आरएस त्रिपाठी, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
Published on:
18 Oct 2019 06:00 am
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