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जवाहर रोड का डामरीकरण एक हफ्ते में उखड़ा,बारिश में नजर आने लगी गिट्टियां

आकाशवाणी से बस स्टैंड तक पिछले सप्ताह हुआ था डामरीकरणकिशोर सागर तालाब के पास उखड़ गई सड़क

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पानी की निकासी न होने से बर्बाद हो रही डामर सड़क

पानी की निकासी न होने से बर्बाद हो रही डामर सड़क

छतरपुर। शहर के मुख्य मार्ग जवाहर रोड पर 7 दिन पहले पीडब्ल्यूडी के द्वारा डाली गई डामर की सड़क पहली ही बारिश में उखड़कर बिखर गई है। जवाहर रोड के डीएफओ कार्यालय, किशोर सागर तिराहे के समीप दोनों तरफ जलभराव के कारण सड़क का मटेरियल टूटकर बाहर आ गया है। लगातार पानी भरे रहने के कारण एक ओर जहां सड़क टूटती जा रही है वहीं दूसरी ओर आवागमन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हर साल बनाई जाती है सड़क
जवाहर रोड की इस सड़क को पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा लगभग हर वर्ष निर्मित किया जाता है। यह सड़क इतनी कमजोर गुणवत्ता की बनती है कि अगला मौसम आते-आते यह टूटने लगती है। खासतौर पर किशोर सागर तिराहे के समीप का हिस्सा 6 महीने भी नहीं चलता। लगभग एक सप्ताह पहले कलेक्टर के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने शहर की सभी सड़कों को नए सिरे से बनाया था। इसी दौरान जवाहर रोड का निर्माण भी किया गया था। सड़क बनने के बाद पहली बार एक घंटे की बारिश हुई। पानी भरे रहने के कारण किशोर सागर तिराहे के दोनों तरफ का यह हाइवे पानी से भरा हुआ है और सड़क का मटेरियल गिट्टी, डामर टूटकर बिखर चुके हैं।

पानी की निकासी न होने से बर्बाद हो रही डामर सड़क
दरअसल आकाशवाणी तिराहे से लेकर बस स्टैंड तक डाली गई यह सड़क सिर्फ किशोर सागर तालाब के समीप ही टूटकर बर्बाद हुई है। जानकार बताते हैं कि डामर की सड़क के लिए पानी का जमाव अत्यधिक नुकसानदायक होता है। किशोर सागर के समीप हनुमान टौरिया से बहकर आने वाला पानी हाइवे पर जमा हो जाता है। नगर पालिका के द्वारा टौरिया से आने वाले पानी की निकासी के लिए कोई प्रबंध नहंी किया गया है। पूर्व में यह पानी सड़क से ही बहकर किशोर सागर तालाब की ओर चला जाता था लेकिन डिवाइडर के कारण अब यह पानी सड़क पर ही भरा रहता है। इतना ही नहीं पानी की निकासी के लिए डिवाइडर निर्माण के बाद भी कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए जिससे जनता के टैक्स का करोड़ों रूपया हर वर्ष इसी तरह बर्बाद हो रहा है।

इनका कहना है
सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है। जलभराव की समस्या के लिए नगर पालिका जिम्मेदार है। यदि पानी भरा रहेगा तो सड़क का टूटना तय है। ठेकेदार से रैनी सीजन के बाद दोबारा सड़क ठीक कराई जाएगी। नगर पालिका से भी संपर्क करेंगे ताकि जल निकासी का इंतजाम हो सके और सड़क की दुर्दशा न हो।
आरएस शुक्ला, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी, छतरपुर