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घरेलू गैस कनेक्शन पर सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाइसी की अंतिम तारीख 26 जनवरी तक बढ़ी

जिले में घरेलू गैस के 4.38 लाख उपभोक्ता, 46 हजार की ई-केवाइसी अब भी बाकी, पहले 31 दिसंबर थी तारीख

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रसोई गैस सिलेंडर

रसोई गैस सिलेंडर

छतरपुर. घरेलू गैस कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अब ई- केवाइसी कराना जरूरी हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत उपभोक्ता को अपने आधार कार्ड और कनेक्शन डायरी के साथ संबंधित गैस एजेंसी ऑफिस जाना है और वहां फ्री में उनका ई-केवाइसी किया जाएगा। चूंकि यह बायोमेट्रिक केवाइसी है, इसलिए जिस व्यक्ति के नाम पर कनेक्शन है, उसे खुद ही वहां उपस्थित होना पड़ेगा।

घर-घर ई-केवाइसी
जिले की कई एजेंसियां उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सब एजेंट या हॉकर्स को भी डिवाइस देकर घर-घर ई-केवाइसी करा रहीं हैं। केंद्र सरकार एलपीजी उपभोक्ताओं को सब्सिडी दे रही है। वहीं नियमित सब्सिडी के अलावा अब प्रदेश सरकार भी लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों को 450 रुपए की सब्सिडी दे रही है। ऐसे में उस गैस कनेक्शन का असली उपभोक्ता कौन है, इसका वेरिफिकेशन करवाने के उद्देश्य से ही केंद्र और राज्य सरकार ने ई-केवायसी का निर्णय लिया है। ताकि असली उपभोक्ता को लाभ मिले और यदि कोई अन्य उस कनेक्शन का उपयोग कर रहा है तो उसे लाभ न मिले।

46 हजार ई-केवाइसी
यह तो योजना वाली सब्सिडी की बात हो गई। लेकिन सभी उपभोक्ताओं को केंद्र सरकारी की आरे से भी नियमित सब्सिडी भी दी जाती है। उसके लिए भी ई-केवाइसी की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की जिला मैनेजर गरिमा खरे ने बताया कि छतरपुर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर 4 लाख 38 हजार गैस कनेक्शन हैं। लेकिन इनमें से 46 हजार उपभोक्ताओं ने अपने गैस कनेक्शन से आधार लिंक ई-केवाइसी नहीं कराया है। यदि इन उपभोक्ताओं ने ई-केवाइसी नहीं करवाया तो इनके कनेक्शन बंद किया जा सकता है। वहीं केंद्र सरकार ने नियम में बदलाव करते हुए देश के अन्य शहरों में जाकर रहने वाले लोगों को दूसरा कनेक्शन देने का नियम लागू कर दिया है। जिससे उन्हें वहां रहने के दौरान परेशानी नहीं होगी।

ई-केवाइसी होगा निशुल्क
इस ई-केवाइसी का कोई शुल्क नहीं है। एजेंसी कार्यालय जाने पर यह एक तरह से फ्री सेवा है। आधार कार्ड को गैस कनेक्शन से लिंक करने के साथ ही थंब इंप्रेशन या फिर फेस डिटेक्टर के जरिए इसे अपडेट किया जा रहा है। मयंक गैस एजेंसी संचालक मयंक दुबे ने बताया कि एजेंसी कार्यालय के साथ ही सब एजेंट या हॉकर्स को भी डिवाइस दिए गए हैं, ताकि एक साथ कहीं भीड़ नहीं पड़े और उपभोक्ताओं को असुविधा न हो। इसलिए उपभोक्ता अपने यहां आने वाले हॉकर्स से भी संपर्क कर ई-केवाइसी की प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं। पहले इसकी आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी, लेकिन अब इसे बढक़र 26 जनवरी कर दिया गया है। यदि इसके बाद भी कुछ ई-केवाइसी रह जाते हैं तो तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है।