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छतरपुर

बूढ़ा बांध की बिजली की समस्या सुलझी, मोटे के महावीर पंप हाउस भी हुआ चालू

अमृत परियोजना के तहत गर्मियों में दिन में दो बार पानी देने की योजना पर चल रहा काम

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छतरपुर. अमृत परियोजना के तहत शहरवासियों को गर्मियों में दिन में दो बार पानी सप्लाई देने की योजना पर काम पूरा कर लिया गया है। छह साल की मेहनत के बाद अमृत परियोजना के फस्र्ट फेज का काम सौ फीसदी कंपलीट हो गया है। सागर रोड स्थित मोटे के महावीर मंदिर के पास बनाए गए पंप हाउस में 630 केवी क्षमता का ट्रांसफॉर्मर ने काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए पावर हाउस से केंद्र तक 33 केवी बिजली लाइन बिछाई गई है। ट्रांसफॉर्मर लग जाने से 180 हॉर्सपावर की चार मोटरों को एक साथ चलाया जा सकता है। पहले सिर्फ मोटर चलाई जा रही थी। यानी नपा यदि चाहे तो शहर में 24 घंटे तक लगातार पेयजल सप्लाई कर सकती है। इससे पेयजल सप्लाई की क्षमता तीन गुना बढ़ाई जा सकेगी।


2017 से चल रहा काम
शुद्ध भंडार केंद्र में 23 लाख लीटर पानी स्टोरेज करने की क्षमता है। परियोजना वर्ष 2014 में डीपीआर तैयार की गई थीं। तीन साल बाद शासन से मंजूरी मिली। 2017 में योजना पर काम शुरू हुआ। इसके तहत शहर में सात पानी की टंकी, दो फिल्टर प्वाइंट बनाए गए। सभी 40 वार्डों में 213 किमी की पाइप लाइन डाली गई। पचेरघाट से शहर तक करीब 30 किमी तक मुख्य पाइप लाइन बिछाई गई। 7 साल बाद यह प्रोजेक्ट 50 करोड़ में पूरा हो गया और 11 करोड़ रुपए की बचा भी लिए। सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया कहते हैं कि शुरुआती दौर में लग रहा था बजट कम पड़ जाएगा। इसके लिए प्लानिंग तैयार की गई। इसके बाद यह योजना पूरी हो सकी है।

बूढ़ा बांध की बिजली समस्या हल हुई
बूढ़ाबांध इंटेकवेल भी पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है। बिजली की समस्या भी हल कर ली गई है। इससे 60 एमएलडी पानी फिल्टर प्लांट पहुंचाया जाएगा। इसके पहले तक शहर में पचेरघाट स्थित प्लांट से सप्लाई की जाती थी, लेकिन अब बूढ़ाबांध इंटेकवेल से भी पेयजल सप्लाई की जाएगी। इंटेकवेल के निर्माण 78.98 लाख रुपए की लागत आई है। बूढ़ा बांध स्थित इंटेकवेल बनने से शहर में दो इंटेकवेल हो गए हैं। खोप तालाब पर पहले से ही इंटेकवेल बना हुआ है। 25 हजार से अधिक घरों में पानी पहुंचाने की प्लानिंग अमृत परियोजना के तहत 25 हजार से अधिक घरों में पानी पहुंचाने की प्लानिंग है। पचेरघाट से प्रतिदिन 164 करोड़ लीटर के आसपास पेयजल की जा रही है। शहर में 21 हजार नल कनेक्शनधारी हैं। बाकी घरों में पुरानी पाइप लाइन से पेयजल सप्लाई की जा रही है।

इनका कहना है
छतरपुर में अमृत परियोजना के फस्र्ट फेज का काम पूरा हो गया है। 620 केवी का ट्रांसफॉर्मर स्थापित होने से 24 घंटे पेयजल सप्लाई की जा सकती है।


ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ, नगर पालिका