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बोर में गिरे बच्चे के पिता व दादा पर मामला दर्ज, रेस्क्यू ऑपरेशन का खर्च वसूलेगी सरकार

बोर को खुला छोड़ने पर दीपेन्द्र के पिता व दादा पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज

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छतरपुर. छतरपुर के नारायणपुरा गांव में 5 साल के बच्चे दीपेन्द्र के खेत में खुले बोरवेल में गिरने के मामले में सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मीडिया से बात करते हुए बताया कि खेत में बोरवेल के गड्ढे को खुला छोड़ने के वालों से रेस्क्यू ऑपरेशन का खर्च वसूल किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने भी बोरवेल खुला छोड़ने के कारण दीपेन्द्र के पिता व दादा पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

पिता-दादा पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
बोरवेल खुल छोड़ने पर ओरछा रोड थाना पुलिस ने दीपेन्द्र के पिता और दादा पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। छतरपुर पुलिस ने खेत में बने बोर से बच्चे को सकुशल निकालने के बाद बोर को खुला छोड़ने वाले 02 व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबध्द किया है। ओरछा रोड थाना टीआइ अभिषेक चौबे ने बताया कि पुलिस की भाषा में ऐसे अपराधिक कृत्य को आपराधिक मानव वध माना जाता है। नारायणपुरा में रमेश यादव के खेत में उसी का पोता दीपेन्द्र यादव खुले बोर में गिर गया था जिसके जीवन को संकट पैदा हो गया था। इसके लिए जिम्मेदार अखिलेश यादव पिता रमेश यादव एवं रमेश यादव पिता रामी यादव दोनो के विरूध आइपीसी की धारा 308 का प्रकरण दर्ज किया गया। दोनो आरोपियों में से रमेश यादव बालक दीपेन्द्र यादव का दादा और अखिलेश यादव बालक का पिता है।

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7 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बचाई जान
बता दें कि बुधवार की दोपहर बोर में गिरे 5 साल के बच्चे दीपेन्द्र को रेस्क्यू टीम ने करीब 7 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार की रात ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। बच्चा दीपेन्द्र 8 ईंची बोर में करीब 40 फीट नीचे गहराई में फंसा था, खेलते-खेलते दीपेन्द्र के बोर के गड्ढे में गिरने की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच गया था और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था। बच्चे को गड्ढे से बाहर निकालते गही रेस्क्यू टीम और मौके पर मौजूद अधिकारी उसे लेकर अश्पताल पहुंचे थे जहां अभी भी उसका इलाज किया जा रहा है फिलहाल दीपेन्द्र की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

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