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छतरपुर

नामचीन कंपनियों के नाम पर चावल की पैकिंग करने के आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज

खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत दर्ज हुई केस, सैंपल की रिर्पोट आने पर अलग कार्रवाई होगी

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खबर का असर

छतरपुर. नामचीन कंपनियों के नाम पर लोकल चावल की पैकिंग के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने लेबल रजिस्ट्रेशन नहीं पाए जाने पर जगदीश ट्रेडर्स के संचालक जगदीश असाटी और गणेश असाटी के खिलाफ कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम का प्रकरण तैयार फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने महेश असाटी राइस मिल के संचालक जगदीश असाटी और गणेश असाटी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 26(2) (2) के तहत प्रकरण तैयार किया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रकरण तैयार किया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह कार्रवाई लेबल धारा 27 के तहत असाटी बंधुओं के खिलाफ आरोप पत्र रजिस्ट्रेशन नहीं पाए जाने पर की गई है।

यूपी, राजस्थान व बिहार से लाए चावल
आरोप है कि असाटी बंधुओं के द्वारा यूपी, राजस्थान समेत बिहार से लोकल चावल की खरीदी कर गोदाम में पैकिंग की जा रही थी। असाटी बंधुओं के द्वारा आम लोगों से धोखाधड़ी करने के लिए नामी कंपनियों का सहारा लिया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि असाटी बंधुओं के द्वारा अवैध तरीके से लाभ अर्जित किए जाने के लिए लंबे समय से आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा था।


सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने महेश असाटी की राइस मिल में सैंपलिंग की कार्रवाई करते हुए पांच नमूने लिए थे। जांच अधिकारी ने बताया कि असाटी बंधुओं के यहां से लूज चावल, किचन किंग राइस, सारटेक्स राइस, देवभोग प्रीमियम, श्रेयांश भोग 24 कैरट बासमती चावल समेत आशीर्वाद प्रीमियम पोहे के सैंपल की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। फूड सेफ्टी ऑफिसर ने बताया कि रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर अलग से केस दर्ज किया जाएगा।

ब्रांड के नाम के दुरुपयोग का केस अब तक नहीं
असाटी बंधुओं के द्वारा इंडिया गेट चावल के ब्रांड के नाम का उपयोग कर लोकल राइस की पैकिंग कर आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करने की खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एफआइआर दर्ज किए जाने के लिए कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हैरत की बात तो यह है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित वर्मा के द्वारा एक सप्ताह पहले शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी कोतवाली पुलिस असाटी बंधुओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं कर रही है। असाटी मामले में जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रवेश अहिरवार ने धोखाधड़ी, कूटरचना और छल किए जाने का अभिमत दिए जाने के बाद भी कोतवाली पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

फोटो- सीएचपी३१०३२३-72- गोदाम पर कार्रवाई की फाइल फोटो