
छतरपुर सिटी
शहर को नगर निगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर पालिका छतरपुर की सीमा से जुड़े 25 गांवों का प्रस्ताव नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दिया है। जिसमें शहर की 12 किलोमीटर की परिधि के 25 गांव शामिल किए गए हैं। निगम बनने पर 3.62 लाख आबादी होगी। यह कदम दो साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जून 2023 में गौरव दिवस समारोह के दौरान नगर निगम की घोषणा किए जाने के बाद की गई प्रक्रिया में गति लाने के लिए उठाया गया है।
नगर निगम बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने आठ माह पहले भेजा था, लेकिन उप सचिव आरके कार्तिकेय द्वारा कमियों के पत्र के बाद इसे सुधारने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद नगर पालिका और राजस्व अधिकारियों ने सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ फाइल फिर से तैयार कर पीएस को भेज दी है। इसमें छतरपुर में शामिल किए जाने वाले गांवों के नाम, जनसंख्या, सर्वे नंबर, क्षेत्रफल, कोर ग्राम से दूरी, गूगल मैप, रंगीन नक्शा और ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों की पूरी जानकारी शामिल की गई है।
नगर निगम में नगर पालिका छतरपुर, बगौता का आंशिक भाग, अमानगंज, बकायन, बगौता, पठापुर, नारायणपुरा, सौरा, मुवासी, सरानी, बरकोंहा, चंद्रपुरा, लौठा, मौराहा, गौरया, झरी, ललौनी, गोरगांय, कैड़ी, हमा, टडेरा, गठेवरा, देरी, रगौलियां और धमौरा गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों के शामिल होने से नगर निगम के क्षेत्र की कुल जनसंख्या 362333 हो गई है।
वर्तमान में छतरपुर का क्षेत्रफल 3171.86 हेक्टेयर है, जबकि इन गांवों के शामिल होने के बाद नगर निगम का क्षेत्रफल बढकऱ 20628.19 हेक्टेयर हो जाएगा। इसमें 12 किलोमीटर की परिधि के गांवों को चिह्नित किया गया है, जरूरत पडऩे पर 5 किलोमीटर से बाहर तक के गांव भी शामिल किए जा सकते हैं।
नगर निगम बनने के लिए 9 मुख्य पैरामीटर तय किए गए हैं।
-गांवों की जनसंख्या कम से कम 20 हजार हो और क्षेत्र का 60 प्रतिशत हिस्सा सघन आबादी वाला हो।
अब नगर निगम बनने की औपचारिक प्रक्रिया में पीएस द्वारा प्रस्ताव की मंजूरी, कैबिनेट की स्वीकृति, राज्यपाल की अनुमति और गजट नोटिफिकेशन शामिल है। अगर सभी दस्तावेज समय पर पूरे हो जाते हैं, तो आगामी चुनाव से पहले छतरपुर नगर निगम की स्थापना संभव हो सकेगी।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया कि सभी कमियों को दूर कर प्रस्ताव पीएस को भेजा गया है और अब आगे की कार्रवाई भोपाल स्तर से होगी। प्रस्ताव में पंचायतों के कर्मचारियों के नाम, पदनाम, वेतन और कार्य विवरण की जानकारी भी शामिल की गई है ताकि नगर निगम बनने के बाद संविलियन प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके।
छतरपुर के नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की इस पहल से शहर के शहरी विकास, प्रशासनिक ढांचे और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
साजिदा कुरैशी, पीओ डूडा, छतरपुर
Published on:
29 Sept 2025 10:30 am
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