छतरपुर. छतरपुर नगरपालिका नगर निगम बनेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छतरपुर गौरव दिवस पर नगर निगम बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही शहर में महाराजा छत्रसाल के व्यक्तित्व व कृत्तिव पर स्मारक बनाने की घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री ने बाबूराम स्टेडियम में गौरव दिवस व लाड़ली बहना सम्मेलन के मंच से लाड़ली बहना योजना को सामाजिक क्रांति लाने वाली योजना बताया। उन्होंने हर गांव में लाड़ली बहना सेना बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने भाजपा की केन्द्रीय व राज्य की योजनाओं से महिलाओं के सामाजिक जीवन में आए बदलाव पर भी लोगों से चर्चा की। उन्होंने कई जनहितैषी योजनाओं को कांग्रेस सरकार में बंद किए जाने के आरोप भी लगाए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह शुक्रवार की दोपहर 1.20 पर छतरपुर के हेलीपेड पहुंचे। उसके बाद हेलीपेड से बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम तक जगह-जगह स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री ने 2.30 पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों से संवाद शुरु किया। अपने 35 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के जीवन में समाजिक क्रांति लाने की भाजपा सरकार की योजनाओं को गिनाया और छतरपुर के लिए घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले 719 करोड़ लागत के 28 कार्यो का भूमिपूजन व शिलान्यास व 8 निर्माण कार्यो का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर पहुंचते ही सबसे पहले छतरपुर स्थापना करने वाले महाराजा छत्रसाल को प्रणाम किया और छतरपुर में छत्रसाल स्मारक बनाए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छतरपुर को नगर निगम बनाया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने मेडिकल कॉलेज को छतरपुर से छीनने का आरोप कांग्रेस पर लगाते हुए कहा कि पुराना ठेकेदार काम नहीं कर रहा था, उसे सस्पेंड कर दिया है। नया टेंडर जारी किया है। छतरपुर में 300 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज बनेगा। उन्होने छतरपुर में स्टेट यूनिवर्सिटी के संचालन का जिक्र करते हुए भवन का लोकार्पण भी किया।
समाजिक क्रांति लाई है योजनाएं
मुख्यमंत्री ने मुगल काल में महिलाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि बेटियों बहनों की इज्जत नहीं थी। लोग बेटी को बोझ मानने लगे। इसलिए बेटियों की संख्या कम हो गई। 1000 बेटों पर 900 बेटियां रह गई। उन्होंने कहा कि बेटी नहीं बचाओगे तो बहू कहां से लाओगे। उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही लाड़ली लक्ष्मी योजना शुरु करने का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में 44 लाख 90 हजार लाड़ली लक्ष्मी बेटियां है। उन्होंने पीएम मोदी की लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पुरुष ही चुनाव लड़ते थे, लेकिन भाजपा की सरकार ने 50 प्रतिशत आरक्षण देकर समाजिक कांति लाई है। उन्होंने संपत्ति खरीदी में महिलाओं को पंजीयन शुल्क में छूट, पीएम आवास में पति-पत्नी का नाम का हवाला देकर महिलाओं की स्थिति में समाजिक बदलाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बहनों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए लाड़ली बहना योजना लाए। जिससे हर महीने 10 तारीख को एक हजार रुपए मिलेगे। इससे बहनों की पारिवारिक व सामाजिक स्थिति में भी बदलाव आएगा। उन्होंने वृद्धा पेंशन की राशि 600 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए करने की घोषणा भी की।
कांग्रेस पर लगाए योजनाओं को बंद करने के आरोप
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस फर्जी फॉर्म भरवा रही है। उन्होने कन्यादान योजना, संबल योजना, लैपटॉप योजना व प्रसूता आर्थिक सहायत योजना को बंद करने का कांग्रेस पर आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने 12वीं की टॉपर लड़कियों को ई-स्कूटी देने की बात भी कही। प्रधानमत्री की राशन व आवास योजना और आयुष्मान योजना का भी उन्होंने जिक्र करते हुए कहा कि 1000 लोगों को घर बनाने के लिए पट्टा दे रहे हैं। दमोह के स्कूल में लड़कियों को सिर पर स्कॉर्प बांधने के मामले पर मुख्यमंत्री बोले कि प्रदेश में ऐसे स्कूल नहीं चलेंगे। प्रदेश में केवल शिक्षा नीति के हिसाब से स्कूल चलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेगी। बुंदेलखंड पंजाब को भी अनाज उत्पादन में मात देगा। उन्होंने किसानों को केन्द्र से 6 हजार और राज्य सरकार से 4 हजार रुपए दिए जाने की बात कहते हुए कहा कि कांग्रेस ने कर्जमाफी नहीं की, बल्कि उनके चलते सरकार ब्याज भर रही है, ताकि किसानों को परेशानी न हो।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से पहले राजस्व व परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि छतरपुर को विश्वविद्यालय दिया गया है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज की सौगात दी गई है। मेडिकल बनाने के लिए दोबारा हुए टेंडर का भी उन्होंने जिक्र करते हुए कहा कि निर्माण कार्य जल्दी शुरु होगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड अब सूखा बुंदेलखंड नहीं रहेगा। गरीबों का बुंदेलखंड नहीं रहेगा। केन बेतवा लिंक परियोजना से समृद्धशाली बुंदेलखंड बनेगा। उन्होंने छतरपुर के मेडिकल कॉलेज को ले जाने का आरोप कांग्रेस पर लगाया।
मनमर्जी से लागू नहीं होगा ड्रेसकोड
दमोह के स्कूल मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पढ़ाई शिक्षा नीति के अनुसार होगी, कोई भी प्राइवेट स्कूल अपनी मनमर्जी से ड्रेस कोड लागू नही कर सकता। स्कोर्प बांधो या ऐसी कविता गाओ जिसका भारत भूमि से सम्बंध नही है, ये मध्यप्रदेश में नही चलेगा। ऐसे स्कूलों के जांच के निर्देश देंगे। जैसा दमोह के स्कूल में हुआ कि कुछ भी बांध कर आओ, ये नही चलेगा।