1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छतरपुर

3 से 17 किलोमीटर तक परीक्षा देने जाएंगे बच्चे

पांचवी-आठवी के परीक्षा सेंटर बनाने में लापरवाही

Google source verification


छतरपुर. जिले में कक्षा पांचवीं और आठवीं की बोर्ड पैटर्न पर परीक्षाओं के सेंटर बनाने में लापरवाही सामने आई है। 25 मार्च से प्रारंभ हो रही परीक्षा में 81 हजार बच्चों के एग्जाम के लिए परीक्षा केंद्रों का चयन करते समय दूरी के पहलू को बिल्कुल अनदेखा कर दिया गया है। इस कारण 900 स्कूलों के लगभग 25 हजार बच्चों को परीक्षा देने के लिए तीन से 17 किमी की दूरी करना पड़ेगा।

जिले में प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों की संख्या 2२३१ है। इनमें से लगभग ८६ स्कूल ऐसे हैं, जहां के बच्चे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए संघर्ष करेंगे। शासन के हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र अधिकतम 7 किमी की दूरी तक बनाने के निर्देश हैं। यदि कोई परीक्षा केंद्र इससे अधिक दूरी पर बनाना जरूरी है तो इसके लिए माशिमं भोपाल से विशेष अनुमति लेना होती है। इसी तरह राज्य सरकार की प्रत्येक एक किमी पर प्राइमरी स्कूल व प्रत्येक 3 किमी पर मिडिल स्कूल का संचालन सुनिश्चित करने की गाइड लाइन है। उस हिसाब से देखा जाए तो राज्य सरकार मिडिल स्कूल तक के बच्चे को पढ़ाई करने के लिए तीन किमी से अधिक दूरी का सफर तय करना उचित नहीं मानती है। लेकिन परीक्षा केंद्र बनाए जाने के दौरान इन नियमों की एकदम अनदेखी की गई है।

सभी ब्लॉको में हुई लापरवाही
जिले के सभी ब्लॉक में परीक्षा सेंटर चयन में लापरवाही सामने आई है। बिजावर ब्लॉक में मिडिल स्कूल बिहरवारा का केन्द्र हाई स्कूल जैतपुर बनाया है। इसकी दूरी 15 किलोमीटर है। वहीं, राजनगर ब्लॉक में प्राइमरी स्कूल कुन्दरपुरा का केन्द्र कन्या मिडिल बमीठा बनाया है। इस स्कूल की दूरी 15 किलोमीटर है। इसी तरह प्राइमरी स्कूल गडऱपुर का केन्द्र मिडिल स्कूल पीरा है। इसकी दूरी 17 किमी है। बड़ामलहरा ब्लॉक में प्राइमरी स्कूल बरेला का केन्द्र हाईस्कूल सिमरिया बनाया है। इसकी दूरी 15 किलोमीटर है। जिन 285 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया है, वहां के बच्चे उसी स्कूल में एग्जाम दे रहे हैं। जबकि 925 स्कूलों के बच्चे इतना लंबा सफर कर परीक्षा देने जाएंगे।

इनका कहना है
कुछ सेंटरों की दूरी सात किलोमीटर से ज्यादा है। सात किलोमीटर से दूर के सेंटर पर बच्चों को ले जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। पत्र जारी कर सभी को निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक बच्चे को ले जाने व लाने के लिए नाम सहित शिक्षक की जबावदेही तय की जा रही है।
आरपी लखेरे, डीपीसी