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चुन्नीलाल की ढिमरयाई और मलखंभ प्रदर्शन ने बुन्देली कार्यशाला में बांधा समां

16 से 26 तक हो रहा आयोजनगांधी आश्रम के मुक्ताकाश मंच पर कलाकार दे रहे प्रस्तुति

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Events from 16 to 26

Events from 16 to 26

छतरपुर। बुन्देलखण्ड के ख्याति प्राप्त लोकगायक चुन्नीलाल रैकवार और उनके साथियों ने पारम्परिक वाद्य यंत्र सारंगी,खंजड़ी, लोटा मंजीरा के साथ नृत्य और ढिमरयाई गायन प्रस्तुत किया, तो उनकी ऊर्जा और प्रस्तुतिकरण देखकर सम्पूर्ण प्रांगण तालियों से गूंज उठा। मंच से लोक कलाकारों द्वारा पूना का स्वांग लोकनाट्य भी प्रस्तुत किया गया। अंतिम प्रस्तुति के रूप में चुन्नीलाल के पुत्र ने अपनी खनकदार आवाज में ढिमरयाई गायन प्रस्तुत किया। लोकगायक चुन्नीलाल रैकवार को शाल एवं श्रीफल से सम्मानित किया गया। ढिमरयाई गायन के पूर्व दिनेश निगम के मार्गदर्शन में बच्चों के रस्सी पर हैरतअंगेज़ करतब देखकर दर्शक दांतो तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए ।बच्चों ने जब मलखंभ का प्रदर्शन किया तो उनकी फुर्ती, संतुलन और लचक देखकर नाट्य विद्यालय के छात्र रोमांचित हो उठे। कार्यक्रम का संचालन नीरज खरे ने किया।म.प्र. नाट्य विद्यालय के निदेशक आलोक चटर्जी ने नेअतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
छात्रों ने देखा धुबेला
कार्यशाला के स्थानीय समन्वयक शिवेन्द्र शुक्ला ने बताया कि, दैनिक भ्रमण के दौरान नाट्य विद्यालय के छात्रों ने राज्य संग्रहालय धुबेला में महाराजा छत्रसाल के अस्त्र शस्त्र, वेशभूषा, मूर्तिकला, मस्तानी महल का अवलोकन किया। छात्रों ने शौर्य पीठ में स्थापित महाराज छत्रसाल की ब्यासी फुट ऊंची प्रतिमा के दर्शन कर उनके इतिहास को जाना।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम के दौरान मप्र नाट्य विद्यालय से केके राजन, रंगकर्मी संजय श्रीवास्तव, राजकुमार रायकवार,अंकुर यादव, पेप्टेक ग्रुप के विनय चौरसिया,चित्रकार राजेश खरे 'संजू ' , प्रो.सुमति प्रकाश जैन,लखन अहिरवार, सर्वेश खरे,प्रांजल पटैरिया, अनिरूद्ध मिस्त्री, अभिदीप सुहाने, देवेंद्र कुशवाहा,गुंजन गोस्वामी, दमयंती पाणी एवं छात्रों सहित सैकड़ों दर्शक उपस्थित रहे।
दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
मप्र नाट्य विद्यालय द्वारा 18 से 26 नवंबर तक आयोजित भ्रमणशील बुन्देली नाट्य कार्यशाला की पांचवीं शाम का शुभारंभ सरस्वती विद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य भगवान दास शुक्ला, बेसबॉल प्रशिक्षक मानसिंह, मलखंभ प्रशिक्षक दिनेश निगम, प्रताप नवयुवक संघ के प्रदीप सेन के आतिथ्य एवं मप्र नाट्य विद्यालय के निदेशक आलोक चटर्जी की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया गया। मप्र नाट्य विद्यालय के निदेशक आलोक चटर्जी ने पुष्प गुच्छ प्रदान कर अतिथियों का स्वागत किया।