7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सस्ता गैस सिलेंडर का लाभ पाने नगर पालिका में लगी महिलाओं की भीड़

नियमित कर्मचारियों से नहीं कराया जा रहा फार्म भरने का कार्य, हर रोज मायूस होकर लौट रही बड़ी संख्या में महिलाएं

2 min read
Google source verification
फार्म भरता एक कर्मचारी व इंतजार में बैठी व लाइन में लगी महिलाएं

फार्म भरता एक कर्मचारी व इंतजार में बैठी व लाइन में लगी महिलाएं

छतरपुर. लाड़ली बहना योजना के तहत सस्ता गैस सिलेंडर पाले वाली महिलाओं की नगर पालिका में लाइनें लग रहीं हैं। यहां पर हर रोज सैकडों की संख्या में पहुंच रहीं महिलाओं में से बड़ी संख्या में महिलाएं दिन भर बैठने के बाद मायूस होकर वापस लौट रहीं हैं। इसके बाद फिर से दूसरे दिन फार्म भरने की उम्मीद में जा रहीं हैं। लेकिन इसके बाद भी नगर पालिका द्वारा मात्र ३-४ लोगों को ही फार्म भरने के कार्य में लगाया है।

लाड़ली बहना योजना के तहत पात्रता रखने वाली महिलाओं को सस्ता गैस कनेक्शन व आवास योजना का लाभ दिए जाने की घोषणा के बाद से महिलाओं के नाम गैस कनेक्शन करने के लिए भीड़ लग रही है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि लाड़ली बहना योजना में जिन महिलाओं को लाभ मिल रहा है, उन्हें घरेलू गैस की टंकी 450 रुपए में मिलेगी।

इस घोषणा के बाद से गैस एजेंसियों पर महिलाओं की हर दिन कतार लग रही है। महिलाएं अपने नाम से गैस कनेक्शन लेने के लिए पहुंच रही है।

इस दौरान नगर पालिका में हर रोज सैकड़ों की संख्या में महिलाएं अपना घर बाहर का काम छोड़कर पहुुंच रहीं हैं। यहां पर महिलाओं के फार्म भरने के लिए नगर पालिका ने कुछ ४ लोगों को लगाया है। जो नाकाफी हैं, यहां पर सभी ४० वार्डों से महिलाएं आने से हॉल में नहीं समा रही हैं ऐसे में नपा परिसर महिलाओं से भरा रहता है और दिन भर लाइन में लगकर व इंतजार करने के बाद अधिकतर महिलाएं बिना फार्म भराए ही वापस लौट रहीं हैं। ऐसे में उन्हें फिर दूसरे भी आना पड़ रहा है।

नगर पालिका में मौजूद महिला रजनी, रसोज, मानशी, निकिता आकद ने बताया कि नगर पालिका द्वारा सभी वार्डों में फार्म भरवाने के लिए एक-दो व्यक्ति बैठने चाहिए जिससे लोगों को नगर पालिका में २-४ दिन या इससे भी ज्यादा दिनों का इंतजार नहीं करना पड़े।

वहीं यहां पर कार्य में लगे कर्मचारियों ने बताया कि हर रोज करीब ३-४ सौ महिला के भर रहे हैं। इससे अधिक महिलाओं को दूसरे दिन बुलाया जाता है।