
हाईकोर्ट की रोक के बावजूद पन्ना नाके में बन गई व्यवसायिक दुकानें,हाईकोर्ट की रोक के बावजूद पन्ना नाके में बन गई व्यवसायिक दुकानें
छतरपुर. शहर के पन्ना नाका में हाईकोर्ट की ओर से व्यवसायिक दुकानों को तैयार किया जा रहा है। कइ्र दुकानों बन कर तैयार हो गई और वहां पर प्रतिष्ठानों को संचालन भी किया जाने लगा। तो वहीं कुछ दुकानें अभी भी निर्माणाधीन हैं। जिसको लेकर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।
जानकारी के अनुसार शहर के पन्ना नाका पर कलेक्टर बंगला के सामने डेरा पहाड़ी जैन मंदिर के गेट से लेकर रेडियो कॉलोनी के नाला तक शमशान भूमि थी। जिसका पट्टा सुरेंद्र जैन के नाम बनाया गया था। जहां पर प्रेमचंद्र जैन ने यहां पर लोगों को कब्जा दे दिया गया। जिसको लेकर एक जनहित याचिका के बाद एक अप्रैल 2004 को हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन एवं राज्य प्रशासन को डेरा पहाड़ी पर स्थित अवैध भवनों को ढहाने का आदेश दिया, इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने इस भूमि घोटाले में लिप्त भू-माफियाओं व उनका साथ देने वाले राजस्व अधिकारियों पर एफआइआर दर्ज करने के भी आदेश दिए थे। हाईकोर्ट जबलपुर में दाखिल याचिका के आदेश के अनुसार शमशान भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण, नामांतरण और खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी।
हाईकोर्ट में लगी ये याचिका
पन्ना नाका पर कलेक्टर बंगला के सामने डेरा पहाड़ी जैन मंदिर के गेट से लेकर रेडियो कॉलोनी के नाला तक खसरा नंबर 1731, रकबा 14 एकड़ 52 डिसीमल, शमशान भूमि थी, जिसका सन 1956 में पट्टा सुरेंद्र जैन के नाम बनाया गया। फिर प्रेमचंद्र जैन ने ये जमीन खरीदकर प्लॉटिंग कर दी। रेडियो कॉलोनी के आगे नाला खसरा नंबर 1809, रकबा 1 एकड़ 24 डिसीमल में 1822 की रजिस्ट्री वाले लोगों को प्रेमचंद्र जैन ने कब्जा दे दिया। वहीं डेरा पहाड़ी के खसरा नंबर 3214 और 3215, रकबा 3 एकड़ 65 डिसीमल जमीन पर प्रेमी जैन ने खसरा नबंर 1731 की रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों को कब्जा दे दिया। इस मामले में वर्ष 2000 में हाईकोर्ट में 6876 नंबर की जनहित याचिका लगाई गई।
ये है हाईकोर्ट का स्थाई आदेश
छतरपुर तहसील के बगौता हल्का के खसरा क्रमांक 1731 रकवा 14.52 एकड़ भूमि मरघट पुराने राजस्व रेकॉर्ड में दर्ज है। लेकिन वर्तमान में इस जमीन पर कॉलोनी बस गई है। मरघट की जमीन के घोटाले को लेकर उच्च न्यायायल जबलपुर में वर्ष 2000 में जनहित याचिका क्रमांक 6876/2000 दायर की गई। याचिका के आधार पर एक अप्रैल 2004 को हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन एवं राज्य प्रशासन को डेरा पहाड़ी पर स्थित अवैध भवनों को ढहाने का आदेश दिया, इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने इस भूमि घोटाले में लिप्त भू-माफियाओं एवं उनका साथ देने वाले राजस्व अधिकारियों पर एफआइआर दर्ज करने के भी आदेश दिए। हाईकोर्ट जबलपुर में दाखिल याचिका क्रमांक डब्लूपी 6876/2000 के आदेश के अनुसार छतरपुर जिला मुख्यालय के पन्ना नाका इलाके में बगौता पटवारी हल्का के खसरा नंबर 1731 में शमशान भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण, नामांतरण और खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पूर्व तहसीलदार आलोक वर्मा ने आठ नामांतरण के आदेश पारित किए। वो भी हाईकोर्ट के स्थगन व अवमानना याचिका 751/2006 की जानकारी होने के बावजूद पूर्व तहसीलदार ने आदेश पारित किए।
इनका कहना है
इसकी जानकारी मुझे नहीं हैं, में सोमवार को जाकर कार्यालय में जानकारी करता हूं और उक्त आदेश की जानकारी निकलवाता हूं। अगर इस तरह का आदेश है तो कार्रवाई की जाएगी।
सुनील वर्मा, तहसीलदार, छतरपुर
Published on:
25 Dec 2022 07:22 pm
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