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भाण्डेय ऋषि आश्रम के सत्संग में शामिल हुए श्रद्धालु

Devotees joined the satsang of Bhandeya Rishi Ashram

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Devotees joined the satsang of Bhandeya Rishi Ashram

Devotees joined the satsang of Bhandeya Rishi Ashram

राठ. भाण्डेय ऋषि आश्रम के परिसर पचखुरा गांव में आयोजित सत्संग-समारोह में विख्यात सन्त बाबा जयगुरुदेव महाराज के उत्तराधिकारी पंकज महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि इस कलियुग में प्रभु प्राप्ति के लिए नामयोग, साधना सबसे सरल है। जिसमें घर-बार छोडऩे की जरूरत नहीं है। वह परमात्मा जब भी मिलेगा अपने शरीर के अंदर मिलेगा।
सन्तों, फकीरों ने कहा क्यों भटकता फिर रहा तू, ऐ तलाशे यार में, रास्ता शाहरग में है दिलवर पे जाने के लिए। उस प्रभु, उस मालिक के पास जाने का रास्ता सुशुम्ना नाड़ी के पास है। यही जीवन का असली सार और मानव धर्म है। उन्होंने स्मरण कराते हुए कहा आप ऋषियों की पावन तपस्थली के रहने वाले हैं आप सभी को प्रभु की प्राप्ति वाले सन्त महात्मा की प्राप्ति करके अपने जीवन को सफल बना लेना चाहिए। यह मानव शरीर साधना का धाम है। भव सागर से पार जाने की जहाज है। गुरु की कृपा और सहायता से पार हो जाएंगे।
वहीं जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के अध्यक्ष ने कहा कि मनुष्य स्वभावत: शाकाहारी प्राणी है। अशुद्ध आहार से मन, बुद्धि, चित्त, अन्त:करण ही नहीं, जीवात्मा भी दूषित हो जाती है। उन्होंने कहा चरित्र जैसे धन का संचय करना चाहिये। यही सबसे बड़ी पूंजी है। चरित्र उत्थान और नई पीढ़ी के बच्चों में अच्छे संस्कार डालना समय की सबसे बड़ी मांग है। महाराज ने लोगों से शाकाहारी-सदाचारी व नशामुक्त बनकर अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनने की अपील किया।